📑 विस्तृत रिपोर्ट: सुप्रीम कोर्ट का 'वन नेशन, वन हेल्पलाइन' (112) आदेश
NK संगवारी जनता के गोठ एक्सक्लूसिव नई दिल्ली :आपातकालीन समय में एक-एक सेकंड की कीमत होती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने देश की सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था को डिजिटल रूप से मजबूत करने के लिए यह ऐतिहासिक कदम उठाया है। इस पूरे आदेश और व्यवस्था का विस्तृत विवरण इस प्रकार है: 1. यह फैसला क्यों लिया गया? (आदेश की पृष्ठभूमि) अब तक भारत में अलग-अलग आपात स्थितियों के लिए अलग-अलग नंबर थे (जैसे- पुलिस के लिए 100, आग लगने पर 101, एम्बुलेंस के लिए 102 या 108, महिला सुरक्षा के लिए 1091)। समस्या : दुर्घटना या संकट के समय लोग घबराहट में अक्सर भूल जाते थे कि किस सेवा के लिए कौन सा नंबर डायल करना है। समाधान : सुप्रीम कोर्ट ने माना कि एकीकृत नंबर ( Single Emergency Number ) होने से लोगों का समय बचेगा और भ्रम ( Confusion ) की स्थिति पैदा नहीं होगी। 2. कैसे काम करेगी '112' की नई व्यवस्था? यह केवल एक नंबर नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बेहद आधुनिक ERSS (Emergency Response Support System ) काम करता है। केंद्रीय कंट्रोल रूम : हर राज्य में एक अत्याधुनिक कमांड सेंटर (कंट्र...