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Showing posts from May, 2026

NK संगवारी जनता के गोठ: एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट ​तेज आंधी-तूफान ने उड़ाई बिजली, खुल गई विभाग की पोल! संविदा और ठेके के भरोसे छत्तीसगढ़ का 'विद्युत साम्राज्य', बूढ़े कंधों पर जिम्मेदारी और आधे पद खाली!

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रायपुर/छत्तीसगढ़। मौसम बदलते ही छत्तीसगढ़ की जनता एक बार फिर अंधेरे के साए में जीने को मजबूर हो गई है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आ रहे तेज आंधी-तूफान और बारिश ने छत्तीसगढ़ विद्युत विभाग की तैयारियों के दावों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। आंधी की एक ही दस्तक से घंटों और कई इलाकों में तो दिनों-दिनों तक बिजली गुल रहना अब आम बात हो चुकी है। लेकिन जनता की इस परेशानी के पीछे प्रकृति का प्रकोप कम और बिजली विभाग का खोखला हो चुका ढांचा ज़्यादा ज़िम्मेदार है। NK संगवारी की इस खास रिपोर्ट में देखिए कि कैसे प्रदेश का पूरा बिजली तंत्र इस वक्त वेंटिलेटर पर चल रहा है। ​आंधी-तूफान से चरमराई व्यवस्था, खुल गई कागजी मेंटेनेंस की पोल ​हर साल गर्मी और मानसून से पहले बिजली विभाग 'प्री-मानसून मेंटेनेंस' के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपए खर्च करने का दावा करता है। पेड़ों की छंटाई से लेकर इंसुलेटर बदलने तक के दावे किए जाते हैं। लेकिन जैसे ही तेज हवाएं चलती हैं, पूरा सिस्टम ताश के पत्तों की तरह ढह जाता है। ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं, तार टूट रहे हैं और सब-स्टेशनों में सन्नाटा पसर जाता ...

NK संगवारी जनता के गोठ: एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट ​जमीन भी खोई, हक भी छीना: पावर कंपनी के 'संविदा जाल' में उलझा भू-विस्थापितों का भविष्य, CSPDCL के विद्युत संविदा कर्मचारियों को मिला वेतन कटौती का 'इनाम'!

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  रायपुर ।:कहते हैं विकास की नींव हमेशा किसी न किसी के त्याग पर रखी जाती है, लेकिन जब त्याग करने वालों के साथ ही छल होने लगे, तो व्यवस्था पर से भरोसा उठ जाता है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) द्वारा मड़वा-तेन्दूभाठा परियोजना के द्वितीय चरण के भू-विस्थापितों के लिए जारी किया गया हालिया नियुक्ति आदेश इसी दर्द और बेबसी की जीती-जागती मिसाल बन चुका है। अपनी उपजाऊ पुश्तैनी जमीनें खोकर परमानेंट सरकारी नौकरी की आस लगाए बैठे प्रभावित परिवारों को कंपनी ने 'संविदा नौकरी' का ऐसा झुनझुना थमाया है, जिससे पूरा विस्थापित समाज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। ​एक कड़वा सच: सरकारी दस्तावेजों की शर्तों में छुपा विस्थापितों का दर्द ​NK संगवारी के हाथ लगे आधिकारिक दस्तावेजों के पन्ने विकास के दावों के पीछे छिपे स्याह सच को बयां करते हैं। आदेश के मुताबिक, जिन परिवारों की जमीनें इस उम्मीद में ली गई थीं कि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा, उन्हें "कनिष्ठ परिचारक" के रूप में केवल तीन वर्षों के लिए संविदा (Contract) पर रखा जा रहा है। ​इस नीति की क्रूरता आदेश की शर्त संख्...

ब्रेकिंग न्यूज़: सुप्रीम कोर्ट का महा-ऐतिहासिक फैसला, अब हाई कोर्ट्स को 3 महीने में सुनाना होगा निर्णय! ​तारीख पर तारीख का खेल हमेशा के लिए खत्म!

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NK संगवारी जनता के गोठ एक्सक्लूसिव​नई दिल्ली : देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) ने न्याय व्यवस्था का कायाकल्प करने वाला एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि अब इंसाफ के लिए पीड़ितों को सालों-साल अदालतों के चक्कर नहीं काटने होंगे। सुप्रीम कोर्ट के इस बड़े कदम से न्यायपालिका में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। ​इस बड़े फैसले की पूरी रूपरेखा और महत्वपूर्ण बिंदु नीचे स्टेप-बाय-स्टेप दिए गए हैं: ​1. 3 महीने की सख्त समय-सीमा (Deadline) तय ​सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी उच्च न्यायालयों (High Courts) के लिए लक्ष्मण रेखा खींच दी है। नए आदेश के मुताबिक, किसी भी मामले में अंतिम बहस (Arguments) पूरी होने और फैसला सुरक्षित (Verdict Reserved) रखे जाने के अधिकतम 3 महीने (90 दिन) के भीतर जज को अपना अंतिम निर्णय सुनाना ही होगा। ​2. 3 महीने की अवधि पार होने पर कड़ा एक्शन ​यदि कोई हाई कोर्ट जज बहस पूरी होने के बाद भी 3 महीने के भीतर फैसला नहीं दे पाते हैं, तो: ​केस वापस लिया जाएगा: मामले को तुरंत संबंधित हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) के पास री-सबमिट...

​🚨 NK संगवारी जनता के गोठ – एक्सक्लूसिव ब्रेकिंग न्यूज 🚨 ​📢 छत्तीसगढ़ और पुरे देश के संविदा, फिक्स-पे और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! ​1 जून से पीएफ (PF) के नियमों में होने जा रहे हैं ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बदलाव! EPFO 3.0 के तहत होने वाले इन नए बदलावों का सीधा असर प्रदेश के लाखों कामकाजी सभी कर्मचारी पर पड़ने वाला है।

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​' NK संगवारी' की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए कि 1 जून से आपके पीएफ खाते में क्या-क्या बदलने जा रहा है और आपको किन बातों का खास ध्यान रखना है: ​📌 1 जून से लागू होने वाले 6 बड़े बदलाव: मुख्य बिंदु ​🔹 1. 13 नियम खत्म, अब सिर्फ 3 सरल श्रेणियों में मिलेगी निकासी 📂 कर्मचारियों को अब पीएफ निकालने के लिए पेचीदा नियमों के चक्कर नहीं काटने होंगे। पुराने 13 अलग-अलग फॉर्म और प्रावधानों को समेटकर अब केवल 3 आसान श्रेणियां बना दी गई हैं: ​🩺 आवश्यक जरूरतें: बीमारी, उच्च शिक्षा और विवाह के लिए। ​🏠 आवास: मकान निर्माण या नया घर खरीदने के लिए। ​💼 विशेष परिस्थितियां: नौकरी छूटने या किसी आपातकाल के समय। ​🔹 2. नौकरी छूटने पर तत्काल 75% पैसा, लेकिन पेंशन पर नया पेंच ⚠️ संविदा और अस्थाई कर्मचारियों के लिए यह नियम बेहद महत्वपूर्ण है: ​💰 75% तत्काल निकासी: यदि आपकी नौकरी छूटती है, तो केवल 1 महीने की बेरोजगारी के बाद आप अपने पीएफ फंड का 75% हिस्सा तुरंत निकाल सकते हैं। ​🛑 पेंशन (EPS) का नया नियम: ध्यान दें! अब नौकरी छोड़ने के बाद पेंशन का हिस्सा (EPS) निकालने के लिए 36 महीने (3 साल) का वेटिंग पीर...

NK संगवारी जनता के गोठ एक्सक्लूसिव (रायपुर) ​विशेष खोजी रिपोर्ट: नीति बनी, प्रस्ताव पास हुआ... फिर भी छत्तीसगढ़ के बिजली संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण अधर में क्यों?

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  ​ रायपुर :छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के हजारों संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। सूचना के अधिकार (RTI) से प्राप्त आधिकारिक दस्तावेजों से यह साफ हो गया है कि साल 2015 में ही संचालक मंडल (Board of Directors) की बैठक में नियम और प्रस्ताव तैयार होने के बावजूद तकनीकी पेंच और कड़ी शर्तों के कारण कर्मचारियों का नियमितीकरण आज तक फाइलों में दबा हुआ है। ​हमारी पड़ताल में और विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के महामंत्री कमलेश भारद्वाज जी ने विभाग के आंतरिक 'नोट फॉर बीओडी' (Note for BoD) के जरिए वे 3 बड़े कारण बताया हैं, जिन्होंने संविदा कर्मियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया: ​1. बड़ा छलावा: नियमित नहीं, 'संविदा' के नए पदों को मिली थी मंजूरी ​दस्तावेजों के मुताबिक, विभाग ने सीधे नियमितीकरण का रास्ता खोलने के बजाय एक नया प्रशासनिक मोड़ दिया था। प्रस्ताव के पैरा 6 में स्पष्ट लिखा गया था कि मैदानी दफ्तरों के लिए 2000 नए 'लाइन अटेंडेंट (संविदा)' के पद निर्मित किए जाएं। यानी शुरुआत से ही इन पदों का मूल ढांचा स्थायी (Perm...

NK संगवारी जनता के गोठ: मंडी बोर्ड के दैनिक वेतन भोगी मन बर बड़ खुसखबरी, सरकार ह जारी करिस नियमितीकरण के आदेश!

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NK संगवारी जनता के गोठ ​रायपुर (29 मई 2026): छत्तीसगढ़ के मंडी बोर्ड अउ प्रदेश के मण्डी समिति मन म कतको बछर ले काम करत हमर दैनिक वेतन भोगी अउ हेण्डरिसिप्ट संगवारी मन बर एक बड़ अउ ऐतिहासिक खुसखबरी अगोरा के दिन मन ला खतम करत आ गे हे। राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड ह एक बड़ फैसला लेवत हुए 10 बछर के सेवा पूरा कर चुके दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी मन ला नियमित करे के प्रशासकीय आदेश जारी कर दे हे। ​मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक महेन्द्र सिंह सवन्नी के दस्तखत ले जारी ये आदेश ह कतको घर म खुसी के दीया बार दे हे। ​संचालक मंडल के 61वीं बैठक म लगिस मुहर ​मिले जानकारी के मुताबिक, मंडी बोर्ड के संचालक मंडल के 61वीं बैठक म जे निर्णय लेगे रीहिस, ओकर परिपालन म ये आदेश (क्रमांक 565, दिनांक 21/04/2026) ला जारी करे गे हे। एमा माननीय उच्च न्यायालय के फैसला अउ नियम मन ला धियान म रख के कर्मचारी मन के हित म ये रस्ता साफ करे गे हे। ये पद मन म मिलही नियमितीकरण के लाभ ​मंडी बोर्ड अउ समिति मन म खाली पद मन ला देखत हुए 'एक बार बर' (One-time measure) ये बड़ फैसला ले जावत हे, जेमा खाली लिखे पद मन के संगवारी मन ला पर...

☀️ NK संगवारी | आज के जनता के गोठ नौतपा के कड़कती गरमी के बीच आही आंधी-पानी, मौसम विभाग के अलर्ट ले बढ़िस चिंता!

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  ​ 28 मई 2026 जनता के गोठ  छत्तीसगढ़ में अभी नौतपा के सेती भयंकर गरमी अउ लू (हीटवेव) चलत हे। दुर्ग अउ राजनांदगांव कोति त पारा 45.5°C तक पहुँच गे हे। गरमी एतका जादा हे कि पशु-पक्षी मन घलो परेशान हें। पर, चिंता झन करव संगी, मौसम वैज्ञानिक मन ह कहे हें कि 29 मई (काली) ले मौसम ह करवट बदलने वाला हे। ​📌 गोठ के मुख्य बिंदु: ​लू के चेतावनी: आज रायपुर, दुर्ग अउ बिलासपुर संभाग में तेज लू चले के आसार हे, त दुपहरिया के घाम में बाचे के जरूरत हे। ​काली ले बदलही मौसम: दक्षिण बिहार कोति एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बने हे, जेकर से 29, 30 अउ 31 मई ला छत्तीसगढ़ के कतकोन जिला मन में अंधड़-पानी गिर सकत हे। ​राहत के बौछार: 40 ले 50 किलोमीटर प्रति घंटा के रफ्तार से तेज हवा चलही अउ गरगराहट संग पानी गिरही, जेकर से तापमान ह 2 ले 4 डिग्री तक कम हो जाही अउ लोगन मन ला गरमी ले राहत मिलही। ​💬 जनता के गोठ (चौपाल चर्चा) ​"नौतपा के तपिस, अब पानी बरसिस!"

छत्तीसगढ़ विद्युत तकनीकी कर्मचारी संघ का बड़ा ऐलान: मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी

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  NK संगवारी न्यूज़ एक्सक्लूसिव ​रायपुर(28 मई 2026) :-छत्तीसगढ़ के तकनीकी विद्युत कर्मचारियों ने अब अपने अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर संघर्ष का  बिगुल फूंकने के संकेत दे दिए हैं। 26 मई 2026 को रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ तकनीकी विद्युत कर्मचारी एकता यूनियन की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई और सर्वसम्मति से कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए। ​बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार मालाकार ने की, जिसमें प्रदेशभर से केंद्रीय पदाधिकारी और कार्यसमिति सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। ​⚡ बैठक में उठीं प्रमुख मांगें ​विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों में तकनीकी कर्मचारियों की समस्याओं और चुनौतियों को संगठन के समक्ष रखा। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वर्षों से लंबित इन मुद्दों पर अब निर्णायक पहल की आवश्यकता है: ​पुरानी पेंशन योजना (OPS): कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए OPS की बहाली की मांग। ​पदोन्नति (Promotion): शेष आईटीआई (ITI) कर्मचारियों को तकनीकी सहायक पद पर शीघ्र पदोन्नति दी जाए और ...

​विद्युत विभाग के संविदा कर्मचारियों का सरकार से सीधा सवाल: "जब वन विभाग के दैनिक वेतन भोगी/ कलेक्टर दर / आकस्मिकता निधि कर्मचारी नियमित हो सकते हैं, तो नियमों के तहत भर्ती हुए हम क्यों नहीं?"

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स्थान: रायपुर | दिनांक: 28 मई 2026 स्रोत: NK संगवारी न्यूज़ एक्सक्लुसिव ​छत्तीसगढ़ विद्युत कर्मचारी संघ के महामंत्री कमलेश भारद्वाज ने शासन की नीति पर उठाए गंभीर सवाल।​स्वीकृत और रिक्त पदों पर पूरी शासकीय प्रक्रिया के तहत हुई थी संविदा भर्ती, फिर भी नियमितीकरण से वंचित।​कर्मचारियों का बड़ा तर्क: "विद्युत विभाग खुद राजस्व कमाता है, हमारे नियमितीकरण से सरकार के खजाने पर नहीं पड़ेगा एक रुपये का भी अतिरिक्त बोझ।" छत्तीसगढ़ के विद्युत विभाग में वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे संविदा कर्मचारियों ने अब सरकार और प्रबंधन के खिलाफ अपनी आवाज पूरी तरह बुलंद कर दी है। 'NK संगवारी न्यूज़ एक्सक्लुसिव' से विशेष बातचीत करते हुए छत्तीसगढ़ विद्युत कर्मचारी संघ के महामंत्री कमलेश भारद्वाज ने शासन के हालिया फैसलों और दोहरी नीति पर सीधा और तीखा सवाल दागा है।महामंत्री कमलेश भारद्वाज ने वन विभाग के 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके दैनिक वेतन भोगी/कलेक्टर दर/ आकस्मिकता निधि कर्मचारियों को नियमित करने की दिशा में शासन की पहल का स्वागत किया, लेकिन साथ ही बिजली विभाग के संविदा कर्मियों के प्रति अपनाई जा रह...

नियमितीकरण को लेकर बिजली संविदा कर्मियों का हल्लाबोल, 22 से अनिश्चितकालीन आंदोलन ​गेट मीटिंग सफल, अब आर-पार की लड़ाई: रीजन कार्यालयों का करेंगे घेराव

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 ​NK संगवारी न्यूज़ | रायपुर छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ (722) ने नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदेशव्यापी महा-आंदोलन के द्वितीय व अंतिम चरण का शंखनाद कर दिया है। प्रथम चरण (गेट मीटिंग) की अभूतपूर्व सफलता के बाद, अब राज्य भर के विद्युत लाइन परिचारक संविदा कर्मचारी 22 जून 2026 से अपने-अपने रीजन के मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) व कार्यपालक निदेशक क्षेत्रीय कार्यालयों के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। ​जान जोखिम में, फिर भी उपेक्षा संघ के प्रांतीय अध्यक्ष श्री हरिचरण साहू एवं महामंत्री श्री कमलेश भारद्वाज ने संयुक्त बयान में कहा कि संविदा कर्मचारी चौबीसों घंटे जान जोखिम में डालकर सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन लगातार उनकी उपेक्षा कर रहा है। उन्होंने साफ किया कि "जब तक हक नहीं मिलेगा, तब तक काम नहीं चलेगा।" इस बार केवल नियमितीकरण का आदेश मिलने पर ही हड़ताल समाप्त होगी। ​📰 आंदोलन एक नज़र में: ​मांग: केवल नियमितीकरण। ​तारीख: 22 जून से निरंतर। ​रणनीति: 'चलो रीजन कार्यालय' के नारे के साथ सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में अनिश्चितकालीन धरना। ब्यूरो रिपोर्ट, [...

बड़ी ख़बर: कागज़ पर साहब, खंभे पर संविदा; सिर्फ और सिर्फ 'संविदा कर्मचारियों' के भरोसे रेंग रहा छत्तीसगढ़ का बिजली विभाग! ​विभागीय लापरवाही का महा-खुलासा: बिना किसी जिम्मेदार नियमित लाइनमैन या तकनीकी अधिकारी की मौजूदगी के कराया जा रहा है मौत का खेल; नियमों को ताक पर रख, संविदा कर्मियों की जान से खेल रहा CSPDCL प्रबंधन।

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 ​ विशेष खोजी रिपोर्ट (By NK संगवारी न्यूज़ टीम) छत्तीसगढ़ : ​छत्तीसगढ़ को रोशन करने वाला बिजली विभाग (CSPDCL) इन दिनों खुद घोर प्रशासनिक अंधकार और लापरवाही के दौर से गुजर रहा है। 'NK संगवारी न्यूज़' के पास मौजूद पुख्ता जमीनी इनपुट्स और दस्तावेजों से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि राज्य की पूरी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था अब केवल और केवल संविदा कर्मचारियों के भरोसे बैसाखी पर टिक गई है। सबसे खतरनाक बात यह है कि मैदानी स्तर पर 11KV से लेकर 33KV जैसी हाई-वोल्टेज लाइनों के फाल्ट सुधारने और मेंटेनेंस का काम बिना किसी जिम्मेदार नियमित (स्थायी) कर्मचारी या विभागीय अधिकारी की मौजूदगी के, पूरी तरह संविदा कर्मियों के सिर मढ़ दिया गया है। ​🔴 नियम केवल कागजों पर, मैदान में 'मौत का कुआं' ​विद्युत सुरक्षा नियमों और श्रम कानूनों (Labor Laws) के मुताबिक, जब भी कोई संविदा या ठेका कर्मचारी पोल या ट्रांसफार्मर पर चढ़ता है, तो मौके पर एक परमानेंट सरकारी लाइनमैन, लाइन सुपरवाइजर या कनिष्ठ अभियंता (JE) का उपस्थित होना कानूनी रूप से अनिवार्य है। उनकी सीधी देखरेख में ही 'सुरक्षा शटडाउन' (...

GPM: बेरोजगारों के लिए सुनहरा मौका! गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 26 मई को लगेगा रोजगार मेला, 72 पदों पर होगी सीधी भर्ती

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​गौरेला पेंड्रा मरवाही | 25 मई 2026 ​NK संगवारी न्यूज़ ब्यूरो : छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए एक राहत भरी खबर है। छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के निर्देशानुसार जिले में कल यानी 26 मई (मंगलवार) को एक दिवसीय भव्य रोजगार मेले (Placement Camp) का आयोजन होने जा रहा है। इस मेले के माध्यम से निजी क्षेत्र की कंपनियों द्वारा कुल 72 विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी। ​ कहाँ और किस समय होगा आयोजन? ​जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह प्लेसमेंट कैंप जिला रोजगार केंद्र के कार्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा। मेले का समय सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। इच्छुक आवेदक नियत समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं। ​पदों का पूरा विवरण: जानें किस विभाग में कितनी वैकेंसी? ​रोजगार मेले में मुख्य रूप से दो बड़े नियोक्ताओं द्वारा युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जाएंगे: ​1. सेफ इंटेलिजेंट सिक्योरिटी सर्विस, भिलाई-दुर्ग (कुल 69 पद): ​सिक्योरिटी गार्ड: 30 पद ​सि...

छत्तीसगढ़ में बिजली संकट का खतरा! कुल स्वीकृत पदों में से 50% से अधिक पद खाली, अभियंता संघ ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

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  ​ नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ में आने वाले समय में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। राज्य विद्युत वितरण कंपनी में तकनीकी (लाइन) कर्मचारियों की भारी कमी के कारण मैदानी कार्यों का निष्पादन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर 'छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल पत्रोपाधि अभियंता संघ' ने सूबे के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरने की गुहार लगाई है। ​अभियंता संघ का कहना है कि यदि इस समस्या का तुरंत निराकरण नहीं किया गया, तो राज्य की विद्युत वितरण व्यवस्था पर इसका बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ​आंकड़ों की जुबानी: आधे से ज्यादा पद खाली ​संघ द्वारा मुख्यमंत्री को सौंपे गए आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में बिजली व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्वीकृत पदों और वर्तमान स्थिति में जमीन-आसमान का अंतर है: ​ कुल स्वीकृत पद (लाइन स्टाफ): 12,317 ​ वर्तमान में कार्यरत नियमित कर्मचारी: केवल 5,747 ​ कुल रिक्त पद: 6,570 ​ चौंकाने वाली बात: आंकड़ों के लिहाज से देखें तो तकनीकी कर्मचारियों के 50 प्रतिशत से भी अधिक पद वर्तमान मे...

NK संगवारी न्यूज़ एक्सक्लूसिव: संविदा लाइन परिचारकों का फूटा गुस्सा, आज करेंगे विद्युत मुख्यालय का घेराव,मांगें पूरी न होने पर 22 जून से पूरे प्रदेश की बिजली ठप करने की चेतावनी

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  रायपुर (डंगनिया मुख्यालय) : छत्तीसगढ़ के बिजली विभाग की रीढ़ कहे जाने वाले संविदा लाइन परिचारक आज अपने हक की लड़ाई के लिए सड़क पर उतर आए हैं। प्रदेश भर के संविदा कर्मचारी आज रायपुर के डंगनिया स्थित 'विद्युत सेवा भवन' मुख्यालय का घेराव कर एक दिवसीय 'गेट मीटिंग' कर रहे हैं। इस दौरान विभाग के आला प्रबंधन को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द नियमितीकरण की मांग की जाएगी। ​📌 खबर के मुख्य बिंदु (Key Highlights): ​22 जून से अनिश्चितकालीन आंदोलन: मांगें पूरी न होने पर मानसून की शुरुआत में ही बड़े स्तर पर हड़ताल की चेतावनी। ​दोहरी नीति का आरोप: 2007, 2010 और 2011 के संविदा कर्मियों को 2 साल में नियमित किया गया, लेकिन 2016 और 2018 के कर्मचारियों के साथ अनदेखी। ​बढ़ता हुआ खतरा: विपरीत परिस्थितियों में काम करने के कारण अब तक 40 से ज्यादा कर्मचारियों की मौत, 100 से अधिक घायल। ​रिक्त पदों का संकट: विभाग में वर्तमान में 5,000 से अधिक पद खाली, जिससे बढ़ा काम का बोझ। ​⚡ "जब पहले हुआ नियमितीकरण, तो हमारे साथ सौतेला व्यवहार क्यों?" ​NK संगवारी न्यूज़ से खास बातचीत करत...