छत्तीसगढ़ विद्युत तकनीकी कर्मचारी संघ का बड़ा ऐलान: मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी

 

NK संगवारी न्यूज़ एक्सक्लूसिव ​रायपुर(28 मई 2026):-छत्तीसगढ़ के तकनीकी विद्युत कर्मचारियों ने अब अपने अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर संघर्ष का 


बिगुल फूंकने के संकेत दे दिए हैं। 26 मई 2026 को रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ तकनीकी विद्युत कर्मचारी एकता यूनियन की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई और सर्वसम्मति से कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए।

​बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार मालाकार ने की, जिसमें प्रदेशभर से केंद्रीय पदाधिकारी और कार्यसमिति सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए।

​⚡ बैठक में उठीं प्रमुख मांगें

​विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों में तकनीकी कर्मचारियों की समस्याओं और चुनौतियों को संगठन के समक्ष रखा। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वर्षों से लंबित इन मुद्दों पर अब निर्णायक पहल की आवश्यकता है:

​पुरानी पेंशन योजना (OPS): कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए OPS की बहाली की मांग।

​पदोन्नति (Promotion): शेष आईटीआई (ITI) कर्मचारियों को तकनीकी सहायक पद पर शीघ्र पदोन्नति दी जाए और पदोन्नति वाले तकनीकी पदों की संख्या में वृद्धि की जाए।

​संविदा नियमितीकरण: बिजली विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का तत्काल नियमितीकरण किया जाए।

​नियमित भर्ती: विभाग में रिक्त पड़े तकनीकी पदों पर जल्द से जल्द नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।

​सुरक्षा कानून: फील्ड में ड्यूटी के दौरान विद्युत कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु एक सख्त कानून बनाया जाए।

​कैशलेस चिकित्सा: नियमित कर्मचारियों को पूर्णतः निशुल्क और कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिले।

संगठन का अगला कदम: डगनिया मुख्यालय में सौंपा ज्ञापन

​बैठक के पश्चात यूनियन के केंद्रीय पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल डगनिया (रायपुर) मुख्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने उच्च अधिकारियों से मुलाकात कर कर्मचारियों की मांगों से संबंधित एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों द्वारा इस मामले में सकारात्मक चर्चा और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है।

महामंत्री श्रीकांत सिंह ठाकुर का संदेश:

"सभी साथी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होकर कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करें और संगठन की रीति-नीति से लोगों को जोड़ें। संगठन जितना मजबूत होगा, कर्मचारियों की आवाज उतनी प्रभावी होगी।"

​📢 दी आंदोलन की चेतावनी

​संगठन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि यदि इन जायज मांगों पर शासन और प्रशासन द्वारा शीघ्र ही कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो प्रदेश स्तर पर एक बड़ा और उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस आंदोलन की पूर्व तैयारी के रूप में प्रदेशभर में व्यापक सदस्यता अभियान चलाकर कर्मचारियों को एकजुट करने का निर्णय लिया गया है।

​बैठक के दौरान वित्तीय पारदर्शिता को बनाए रखते हुए संगठन के कोषाध्यक्ष ने कोष संबंधी संपूर्ण जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा की। अंत में, प्रदेशभर से पहुंचे पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए संगठन ने कहा कि कर्मचारियों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

ब्यूरो रिपोर्ट: NK संगवारी न्यूज़ एक्सक्लुसिव

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