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​10 जून का इतिहास: रविवार की छुट्टी की शुरुआत, महान क्रांतिकारी गोपीनाथ बोरदोलोई का जन्मदिन और विज्ञान के अद्भुत प्रयोग

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10 जून का इतिहास: रविवार की छुट्टी की शुरुआत, महान व्यक्तित्व और विज्ञान की उपलब्धियाँ 📜 प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ 1246: नसीरुद्दीन मुहम्मद शाह दिल्ली की गद्दी पर आसीन हुआ। 1829: ऑक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के बीच पहली आधिकारिक 'बोट रेस' (नौका दौड़) का आयोजन हुआ। 1946: इटली में राजशाही समाप्त हुई और देश एक 'गणतांत्रिक राष्ट्र' बना। 1966: महाराष्ट्र के नासिक में भारत के लड़ाकू विमान 'मिग' का उत्पादन शुरू किया गया। 1986: कपिल देव की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स के मैदान पर अपनी पहली ऐतिहासिक टेस्ट जीत दर्ज की। 👤 प्रमुख व्यक्तित्व का जन्म गोपीनाथ बोरदोलोई (1890): प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और असम के प्रथम मुख्यमंत्री का जन्म। प्रकाश पादुकोण (1955): भारत के विश्व प्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ी का जन्मदिन। देवेन्द्र झाझरिया (1981): भारत के पैरालंपिक खेलों के गौरव, एथलीट देवेन्द्र झाझरिया का जन्म। ...

तमिलनाडु में ₹19,000 करोड़ की 'स्मार्ट मीटर परियोजना' रद्द: मुख्यमंत्री विजय का बड़ा फैसला और विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया

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तमिलनाडु पावर सेक्टर में बड़ा बदलाव: ₹19,000 करोड़ की 'स्मार्ट मीटर परियोजना' रद्द चेन्नई: तमिलनाडु सरकार ने राज्य में लागू होने वाली ₹19,000 करोड़ की महत्वाकांक्षी 'स्मार्ट मीटर परियोजना' को अस्वीकार कर उसे पूरी तरह से रद्द कर दिया है। मुख्यमंत्री 'थलापति' विजय के इस साहसिक फैसले ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। परियोजना का रद्द होना TANGEDCO (तमिलनाडु विद्युत उत्पादन और वितरण निगम) ने इस योजना के टेंडर को दिसंबर महीने में ही रद्द कर दिया था। अब सरकार ने इसे पूरी तरह से 'ठंडे बस्ते' में डालने का निर्णय लिया है। सरकार का यह कदम राज्य की वित्तीय स्थिति और जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। विपक्ष की प्रतिक्रिया इस फैसले पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी ने इसे राज्य के पावर सेक्टर के लिए एक "बहुत बड़ी गलती" बताया है। विपक्ष का तर्क है कि इस परियोजना के रद्द होने से बिजली क्षेत्र के आधुनिकीकर...

छत्तीसगढ़ न्यूज़ अपडेट: 10 जून 2026 – कैबिनेट के फैसलों के बाद प्रदेश में प्रशासनिक सक्रियता और विकास कार्यों में तेजी

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कैबिनेट फैसलों के बाद छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सक्रियता तेज रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कल (09 जून) संपन्न हुई मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद, आज राज्य में प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसलों को धरातल पर उतारने के लिए संबंधित विभागों ने कार्ययोजना तैयार करना शुरू कर दिया है। प्रशासनिक कार्ययोजना के मुख्य बिंदु: खनिज विभाग: परिवहन वाहनों में RFID टैग और ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य करने हेतु प्रक्रिया शुरू। नवा रायपुर: स्टाम्प ड्यूटी छूट की अवधि 2028 तक बढ़ेगी, निवेश परियोजनाओं की समीक्षा शुरू । कृषि विभाग: 'कृषक उन्नति योजना' के लिए पात्र किसानों की सूची तैयार करने के निर्देश। परिवहन विभाग: ई-बस सेवा के प्रभावी संचालन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति। स्रोत: कैबिनेट निर्णय, छत्तीसगढ़ शासन | 10 जून 2026 छत्तीसगढ़ कैबिनेट का ऐतिहासि...

​बिलासपुर हाईकोर्ट का भुगतान मामला: सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को लगाई कड़ी फटकार, कहा– 'समय पर भुगतान न हुआ तो देना होगा 12% ब्याज'

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बिलासपुर हाईकोर्ट का भुगतान मामला: सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को लगाई कड़ी फटकार, कहा– 'समय पर भुगतान न हुआ तो देना होगा 12% ब्याज' बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में सरकारी कार्यों के भुगतान को लेकर बरती जा रही लेटलतीफी पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। बिलासपुर हाईकोर्ट भवन निर्माण से जुड़े एक पुराने बकाया भुगतान मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की जमकर क्लास लगाई है। कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) और वित्त विभाग के गलियारों में हड़कंप मच गया है। क्या है पूरा मामला? यह मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के भवन निर्माण से जुड़ा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद, ठेकेदार का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ था। प्रशासनिक स्तर पर बार-बार चक्कर काटने और हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद, सरकार द्वारा भुगतान न किए जाने से आहत होकर ठेकेदार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी सुनवाई के दौरान सुप्रीम ...

छत्तीसगढ़ विद्युत विभाग में बढ़ती जा रही है कर्मचारियों की नाराजगी, अब आरक्षित वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ ने भी फूंका आंदोलन का बिगुल!

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छत्तीसगढ़ विद्युत विभाग में बढ़ती जा रही है कर्मचारियों की नाराजगी, अब आरक्षित वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ ने भी फूंका आंदोलन का बिगुल! रायपुर: छत्तीसगढ़ के ऊर्जा और विद्युत क्षेत्र में पिछले कुछ समय से कर्मचारी संगठनों का आक्रोश उफान पर है। संविदा कर्मचारी संघ, तकनीकी संघ और भारतीय मजदूर संघ की बढ़ती सक्रियता के बीच, अब 'छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मण्डल आरक्षित वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ' ने भी प्रबंधन के खिलाफ सीधे लड़ाई का ऐलान कर दिया है। विभाग की कार्यप्रणाली और लंबित मांगों पर चुप्पी से नाराज संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि अब वार्ता के आश्वासन का समय खत्म हो चुका है। विवाद की जड़: प्रबंधन का 'टालमटोल' रवैया प्रांतीय महासचिव विजय कुमार नाग ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि विवाद की शुरुआत 20 अप्रैल 2026 को हुई थी। उस समय प्रबंधन के साथ एक द्विपक्षीय वार्ता आयोजित की गई थी। उस बैठक में संघ ने अपनी जायज मांगों को रखा था और प्रबंधन के सकारात्मक आश्वासन पर ही अपने प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय...