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NK संगवारी जनता के गोठ: एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट ​तेज आंधी-तूफान ने उड़ाई बिजली, खुल गई विभाग की पोल! संविदा और ठेके के भरोसे छत्तीसगढ़ का 'विद्युत साम्राज्य', बूढ़े कंधों पर जिम्मेदारी और आधे पद खाली!

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रायपुर/छत्तीसगढ़। मौसम बदलते ही छत्तीसगढ़ की जनता एक बार फिर अंधेरे के साए में जीने को मजबूर हो गई है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आ रहे तेज आंधी-तूफान और बारिश ने छत्तीसगढ़ विद्युत विभाग की तैयारियों के दावों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। आंधी की एक ही दस्तक से घंटों और कई इलाकों में तो दिनों-दिनों तक बिजली गुल रहना अब आम बात हो चुकी है। लेकिन जनता की इस परेशानी के पीछे प्रकृति का प्रकोप कम और बिजली विभाग का खोखला हो चुका ढांचा ज़्यादा ज़िम्मेदार है। NK संगवारी की इस खास रिपोर्ट में देखिए कि कैसे प्रदेश का पूरा बिजली तंत्र इस वक्त वेंटिलेटर पर चल रहा है। ​आंधी-तूफान से चरमराई व्यवस्था, खुल गई कागजी मेंटेनेंस की पोल ​हर साल गर्मी और मानसून से पहले बिजली विभाग 'प्री-मानसून मेंटेनेंस' के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपए खर्च करने का दावा करता है। पेड़ों की छंटाई से लेकर इंसुलेटर बदलने तक के दावे किए जाते हैं। लेकिन जैसे ही तेज हवाएं चलती हैं, पूरा सिस्टम ताश के पत्तों की तरह ढह जाता है। ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं, तार टूट रहे हैं और सब-स्टेशनों में सन्नाटा पसर जाता ...

NK संगवारी जनता के गोठ: एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट ​जमीन भी खोई, हक भी छीना: पावर कंपनी के 'संविदा जाल' में उलझा भू-विस्थापितों का भविष्य, CSPDCL के विद्युत संविदा कर्मचारियों को मिला वेतन कटौती का 'इनाम'!

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  रायपुर ।:कहते हैं विकास की नींव हमेशा किसी न किसी के त्याग पर रखी जाती है, लेकिन जब त्याग करने वालों के साथ ही छल होने लगे, तो व्यवस्था पर से भरोसा उठ जाता है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) द्वारा मड़वा-तेन्दूभाठा परियोजना के द्वितीय चरण के भू-विस्थापितों के लिए जारी किया गया हालिया नियुक्ति आदेश इसी दर्द और बेबसी की जीती-जागती मिसाल बन चुका है। अपनी उपजाऊ पुश्तैनी जमीनें खोकर परमानेंट सरकारी नौकरी की आस लगाए बैठे प्रभावित परिवारों को कंपनी ने 'संविदा नौकरी' का ऐसा झुनझुना थमाया है, जिससे पूरा विस्थापित समाज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। ​एक कड़वा सच: सरकारी दस्तावेजों की शर्तों में छुपा विस्थापितों का दर्द ​NK संगवारी के हाथ लगे आधिकारिक दस्तावेजों के पन्ने विकास के दावों के पीछे छिपे स्याह सच को बयां करते हैं। आदेश के मुताबिक, जिन परिवारों की जमीनें इस उम्मीद में ली गई थीं कि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा, उन्हें "कनिष्ठ परिचारक" के रूप में केवल तीन वर्षों के लिए संविदा (Contract) पर रखा जा रहा है। ​इस नीति की क्रूरता आदेश की शर्त संख्...

ब्रेकिंग न्यूज़: सुप्रीम कोर्ट का महा-ऐतिहासिक फैसला, अब हाई कोर्ट्स को 3 महीने में सुनाना होगा निर्णय! ​तारीख पर तारीख का खेल हमेशा के लिए खत्म!

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NK संगवारी जनता के गोठ एक्सक्लूसिव​नई दिल्ली : देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) ने न्याय व्यवस्था का कायाकल्प करने वाला एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि अब इंसाफ के लिए पीड़ितों को सालों-साल अदालतों के चक्कर नहीं काटने होंगे। सुप्रीम कोर्ट के इस बड़े कदम से न्यायपालिका में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। ​इस बड़े फैसले की पूरी रूपरेखा और महत्वपूर्ण बिंदु नीचे स्टेप-बाय-स्टेप दिए गए हैं: ​1. 3 महीने की सख्त समय-सीमा (Deadline) तय ​सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी उच्च न्यायालयों (High Courts) के लिए लक्ष्मण रेखा खींच दी है। नए आदेश के मुताबिक, किसी भी मामले में अंतिम बहस (Arguments) पूरी होने और फैसला सुरक्षित (Verdict Reserved) रखे जाने के अधिकतम 3 महीने (90 दिन) के भीतर जज को अपना अंतिम निर्णय सुनाना ही होगा। ​2. 3 महीने की अवधि पार होने पर कड़ा एक्शन ​यदि कोई हाई कोर्ट जज बहस पूरी होने के बाद भी 3 महीने के भीतर फैसला नहीं दे पाते हैं, तो: ​केस वापस लिया जाएगा: मामले को तुरंत संबंधित हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) के पास री-सबमिट...

​🚨 NK संगवारी जनता के गोठ – एक्सक्लूसिव ब्रेकिंग न्यूज 🚨 ​📢 छत्तीसगढ़ और पुरे देश के संविदा, फिक्स-पे और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! ​1 जून से पीएफ (PF) के नियमों में होने जा रहे हैं ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बदलाव! EPFO 3.0 के तहत होने वाले इन नए बदलावों का सीधा असर प्रदेश के लाखों कामकाजी सभी कर्मचारी पर पड़ने वाला है।

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​' NK संगवारी' की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए कि 1 जून से आपके पीएफ खाते में क्या-क्या बदलने जा रहा है और आपको किन बातों का खास ध्यान रखना है: ​📌 1 जून से लागू होने वाले 6 बड़े बदलाव: मुख्य बिंदु ​🔹 1. 13 नियम खत्म, अब सिर्फ 3 सरल श्रेणियों में मिलेगी निकासी 📂 कर्मचारियों को अब पीएफ निकालने के लिए पेचीदा नियमों के चक्कर नहीं काटने होंगे। पुराने 13 अलग-अलग फॉर्म और प्रावधानों को समेटकर अब केवल 3 आसान श्रेणियां बना दी गई हैं: ​🩺 आवश्यक जरूरतें: बीमारी, उच्च शिक्षा और विवाह के लिए। ​🏠 आवास: मकान निर्माण या नया घर खरीदने के लिए। ​💼 विशेष परिस्थितियां: नौकरी छूटने या किसी आपातकाल के समय। ​🔹 2. नौकरी छूटने पर तत्काल 75% पैसा, लेकिन पेंशन पर नया पेंच ⚠️ संविदा और अस्थाई कर्मचारियों के लिए यह नियम बेहद महत्वपूर्ण है: ​💰 75% तत्काल निकासी: यदि आपकी नौकरी छूटती है, तो केवल 1 महीने की बेरोजगारी के बाद आप अपने पीएफ फंड का 75% हिस्सा तुरंत निकाल सकते हैं। ​🛑 पेंशन (EPS) का नया नियम: ध्यान दें! अब नौकरी छोड़ने के बाद पेंशन का हिस्सा (EPS) निकालने के लिए 36 महीने (3 साल) का वेटिंग पीर...

NK संगवारी जनता के गोठ एक्सक्लूसिव (रायपुर) ​विशेष खोजी रिपोर्ट: नीति बनी, प्रस्ताव पास हुआ... फिर भी छत्तीसगढ़ के बिजली संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण अधर में क्यों?

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  ​ रायपुर :छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के हजारों संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। सूचना के अधिकार (RTI) से प्राप्त आधिकारिक दस्तावेजों से यह साफ हो गया है कि साल 2015 में ही संचालक मंडल (Board of Directors) की बैठक में नियम और प्रस्ताव तैयार होने के बावजूद तकनीकी पेंच और कड़ी शर्तों के कारण कर्मचारियों का नियमितीकरण आज तक फाइलों में दबा हुआ है। ​हमारी पड़ताल में और विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के महामंत्री कमलेश भारद्वाज जी ने विभाग के आंतरिक 'नोट फॉर बीओडी' (Note for BoD) के जरिए वे 3 बड़े कारण बताया हैं, जिन्होंने संविदा कर्मियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया: ​1. बड़ा छलावा: नियमित नहीं, 'संविदा' के नए पदों को मिली थी मंजूरी ​दस्तावेजों के मुताबिक, विभाग ने सीधे नियमितीकरण का रास्ता खोलने के बजाय एक नया प्रशासनिक मोड़ दिया था। प्रस्ताव के पैरा 6 में स्पष्ट लिखा गया था कि मैदानी दफ्तरों के लिए 2000 नए 'लाइन अटेंडेंट (संविदा)' के पद निर्मित किए जाएं। यानी शुरुआत से ही इन पदों का मूल ढांचा स्थायी (Perm...

NK संगवारी जनता के गोठ: मंडी बोर्ड के दैनिक वेतन भोगी मन बर बड़ खुसखबरी, सरकार ह जारी करिस नियमितीकरण के आदेश!

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NK संगवारी जनता के गोठ ​रायपुर (29 मई 2026): छत्तीसगढ़ के मंडी बोर्ड अउ प्रदेश के मण्डी समिति मन म कतको बछर ले काम करत हमर दैनिक वेतन भोगी अउ हेण्डरिसिप्ट संगवारी मन बर एक बड़ अउ ऐतिहासिक खुसखबरी अगोरा के दिन मन ला खतम करत आ गे हे। राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड ह एक बड़ फैसला लेवत हुए 10 बछर के सेवा पूरा कर चुके दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी मन ला नियमित करे के प्रशासकीय आदेश जारी कर दे हे। ​मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक महेन्द्र सिंह सवन्नी के दस्तखत ले जारी ये आदेश ह कतको घर म खुसी के दीया बार दे हे। ​संचालक मंडल के 61वीं बैठक म लगिस मुहर ​मिले जानकारी के मुताबिक, मंडी बोर्ड के संचालक मंडल के 61वीं बैठक म जे निर्णय लेगे रीहिस, ओकर परिपालन म ये आदेश (क्रमांक 565, दिनांक 21/04/2026) ला जारी करे गे हे। एमा माननीय उच्च न्यायालय के फैसला अउ नियम मन ला धियान म रख के कर्मचारी मन के हित म ये रस्ता साफ करे गे हे। ये पद मन म मिलही नियमितीकरण के लाभ ​मंडी बोर्ड अउ समिति मन म खाली पद मन ला देखत हुए 'एक बार बर' (One-time measure) ये बड़ फैसला ले जावत हे, जेमा खाली लिखे पद मन के संगवारी मन ला पर...

☀️ NK संगवारी | आज के जनता के गोठ नौतपा के कड़कती गरमी के बीच आही आंधी-पानी, मौसम विभाग के अलर्ट ले बढ़िस चिंता!

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  ​ 28 मई 2026 जनता के गोठ  छत्तीसगढ़ में अभी नौतपा के सेती भयंकर गरमी अउ लू (हीटवेव) चलत हे। दुर्ग अउ राजनांदगांव कोति त पारा 45.5°C तक पहुँच गे हे। गरमी एतका जादा हे कि पशु-पक्षी मन घलो परेशान हें। पर, चिंता झन करव संगी, मौसम वैज्ञानिक मन ह कहे हें कि 29 मई (काली) ले मौसम ह करवट बदलने वाला हे। ​📌 गोठ के मुख्य बिंदु: ​लू के चेतावनी: आज रायपुर, दुर्ग अउ बिलासपुर संभाग में तेज लू चले के आसार हे, त दुपहरिया के घाम में बाचे के जरूरत हे। ​काली ले बदलही मौसम: दक्षिण बिहार कोति एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बने हे, जेकर से 29, 30 अउ 31 मई ला छत्तीसगढ़ के कतकोन जिला मन में अंधड़-पानी गिर सकत हे। ​राहत के बौछार: 40 ले 50 किलोमीटर प्रति घंटा के रफ्तार से तेज हवा चलही अउ गरगराहट संग पानी गिरही, जेकर से तापमान ह 2 ले 4 डिग्री तक कम हो जाही अउ लोगन मन ला गरमी ले राहत मिलही। ​💬 जनता के गोठ (चौपाल चर्चा) ​"नौतपा के तपिस, अब पानी बरसिस!"