छत्तीसगढ़ न्यूज़ अपडेट: 10 जून 2026 – कैबिनेट के फैसलों के बाद प्रदेश में प्रशासनिक सक्रियता और विकास कार्यों में तेजी
कैबिनेट फैसलों के बाद छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सक्रियता तेज
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कल (09 जून) संपन्न हुई मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद, आज राज्य में प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसलों को धरातल पर उतारने के लिए संबंधित विभागों ने कार्ययोजना तैयार करना शुरू कर दिया है।
प्रशासनिक कार्ययोजना के मुख्य बिंदु:
- खनिज विभाग: परिवहन वाहनों में RFID टैग और ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य करने हेतु प्रक्रिया शुरू।
- नवा रायपुर: स्टाम्प ड्यूटी छूट की अवधि 2028 तक बढ़ेगी, निवेश परियोजनाओं की समीक्षा शुरू।
- कृषि विभाग: 'कृषक उन्नति योजना' के लिए पात्र किसानों की सूची तैयार करने के निर्देश।
- परिवहन विभाग: ई-बस सेवा के प्रभावी संचालन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति।
स्रोत: कैबिनेट निर्णय, छत्तीसगढ़ शासन | 10 जून 2026
छत्तीसगढ़ कैबिनेट का ऐतिहासिक निर्णय: पावर ट्रांसमिशन कंपनी अब होगी स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक बड़ा और दूरगामी निर्णय लिया गया है।
IPO के माध्यम से लिस्टिंग को मिली मंजूरी
मंत्रिपरिषद् ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को IPO (Initial Public Offering) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध (List) किए जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है।
निर्णय के मुख्य प्रभाव:
- जन भागीदारी: आम नागरिक और निवेशक अब कंपनी की विकास यात्रा में सीधे भागीदार बन सकेंगे।
- वित्तीय मजबूती: कंपनी की वित्तीय क्षमता और परिचालन में पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी।
- प्रक्रिया का अधिकार: कैबिनेट ने इस संबंध में सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल (Board of Directors) को अधिकृत किया है।
स्रोत: कैबिनेट बैठक निर्णय, छत्तीसगढ़ शासन | 09 जून 2026
कृषक उन्नति योजना का नया स्वरूप: फसल विविधीकरण पर मिलेगा ₹15,000 प्रति एकड़ प्रोत्साहन
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में स्थिरता लाने के लिए 'कृषक उन्नति योजना' के नवीन स्वरूप को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय खरीफ-2026 सत्र से प्रभावी होगा।
उद्देश्य और प्रोत्साहन राशि:
धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के लिए, जो किसान धान के स्थान पर अन्य लाभदायक फसलें लेंगे, उन्हें ₹15,000 प्रति एकड़ की आदान सहायता (Input Assistance) प्रदान की जाएगी।
इन फसलों की खेती पर मिलेगा लाभ:
योजना के तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है:
- दलहन एवं तिलहन
- मक्का
- कोदो, कुटकी एवं रागी (मिलेट्स)
- कपास
योजना का लाभ कैसे मिलेगा? (डिजिटल प्रक्रिया)
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस योजना का लाभ पूरी तरह डिजिटल माध्यम से दिया जाएगा। इसके लिए आधार निम्नलिखित होंगे:
- एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन।
- एग्रीस्टेक (AgriStack) पंजीयन।
- डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर सत्यापन।
निष्कर्ष: इस निर्णय से प्रदेश में दलहन-तिलहन का रकबा बढ़ेगा, जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को अपनी आय में विविधता लाने का अवसर प्राप्त होगा।
स्रोत: छत्तीसगढ़ कैबिनेट निर्णय | 09 जून 2026
PDS के तहत चना वितरण रहेगा जारी: छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के पात्र परिवारों को पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में चने की आपूर्ति निरंतर बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
निर्णय की मुख्य विशेषताएं:
- पारदर्शी खरीद: छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम अब NeML (नेकडेक्स-ई-मार्केट) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के जरिए चना क्रय करेगा।
- किफायती दरें: चना खरीद के लिए अधिकतम 0.25 प्रतिशत या उससे कम सर्विस चार्ज निर्धारित किया गया है।
- अवधि विस्तार: चना वितरण की वर्तमान व्यवस्था को अप्रैल से जून 2026 तक (तीन माह) बढ़ाने का अनुमोदन किया गया है।
इस निर्णय का प्रभाव:
इस सरकारी पहल से प्रदेश के लाखों पात्र परिवारों को खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के तहत चना वितरण निर्बाध रूप से प्राप्त होता रहेगा। यह निर्णय राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
स्रोत: कैबिनेट निर्णय, छत्तीसगढ़ शासन | 09 जून 2026
प्रशासनिक सुधार: 'योग' विषय अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन
छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 'योग' विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी है।
निर्णय के पीछे का तर्क:
योग, आयुष प्रणाली (AYUSH) का एक अभिन्न अंग है। राष्ट्रीय स्तर पर योग शिक्षा, अनुसंधान और उससे जुड़ी गतिविधियां आयुष तंत्र के माध्यम से संचालित होती हैं। अतः प्रशासनिक समन्वय और विषय की प्रकृति को देखते हुए इसे चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाया गया है।
इस बदलाव से क्या लाभ होगा?
- बेहतर समन्वय: योग से संबंधित शैक्षणिक और प्रशिक्षण गतिविधियों में अब बेहतर तालमेल रहेगा।
- प्रभावी अनुसंधान: चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत योग अनुसंधान कार्यों को अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
- मानकीकरण: आयुष तंत्र के साथ जुड़ने से योग शिक्षा के स्तर और क्रियान्वयन में राष्ट्रीय मानकों का पालन सुनिश्चित होगा।
स्रोत: कैबिनेट निर्णय, छत्तीसगढ़ शासन | 09 जून 2026
छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन: प्रधानमंत्री ई-बस सेवा को कैबिनेट की हरी झंडी
राज्य के सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट की बैठक में 'प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना' के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु महत्वपूर्ण प्रशासनिक सहमति प्रदान की गई है।
योजना के प्रमुख बिंदु:
- 240 इलेक्ट्रिक बसें: रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में कुल 240 आधुनिक ई-बसों का संचालन किया जाएगा।
- वित्तीय व्यवस्था: कैबिनेट ने पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) के तहत भारत सरकार को डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) भेजने की अनुमति दी है।
शहरों को मिलने वाले लाभ:
- पर्यावरण सुरक्षा: सार्वजनिक परिवहन में ई-बसों के आने से शहरी प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी।
- सुविधाजनक सफर: नागरिकों को सुरक्षित, आधुनिक और किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
- ऊर्जा दक्षता: यह कदम राज्य की ऊर्जा दक्षता को बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती देने में सहायक होगा।
स्रोत: कैबिनेट निर्णय, छत्तीसगढ़ शासन | 09 जून 2026
नवा रायपुर के विकास को मिली गति: स्टाम्प ड्यूटी छूट की अवधि 2028 तक बढ़ी
छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर के सुनियोजित विकास और वहां की बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को गति देने के उद्देश्य से एक बड़ा निर्णय लिया है। मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) को आपसी सहमति से भूमि क्रय पर दी जा रही स्टाम्प ड्यूटी (मुद्रांक शुल्क) में छूट की अवधि को 31 मार्च 2028 तक बढ़ाने की स्वीकृति दे दी है।
इस निर्णय के प्रमुख प्रभाव:
- भूमि अधिग्रहण में तेजी: छूट मिलने से प्राधिकरण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया और अधिक सरल और तीव्र हो सकेगी।
- सुनियोजित विकास: नवा रायपुर के नियोजित विकास कार्यों और बुनियादी ढांचा (Infrastructure) परियोजनाओं को मजबूती मिलेगी।
- निवेशक अनुकूल वातावरण: स्टाम्प ड्यूटी में छूट का लाभ मिलने से नवा रायपुर में निवेश और निर्माण कार्यों को प्रोत्साहन मिलेगा।
यह निर्णय नवा रायपुर को भविष्य के एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे न केवल प्राधिकरण के काम में तेजी आएगी, बल्कि शहर के विकास को भी एक नई दिशा मिलेगी।
स्रोत: कैबिनेट निर्णय, छत्तीसगढ़ शासन | 09 जून 2026
छत्तीसगढ़ खनिज नियम, 2009 में संशोधन: अवैध खनन पर लगेगी लगाम, बढ़ेगी पारदर्शिता
छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने राज्य में खनिज संपदा के बेहतर प्रबंधन और राजस्व सुरक्षा के लिए 'छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भण्डारण) नियम, 2009' में महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी है।
तकनीकी सुधार और निगरानी:
- RFID और ट्रैकिंग: खनिजों के परिवहन में लगे वाहनों में RFID टैग और वाहन ट्रैकिंग प्रणाली अनिवार्य की गई है।
- सटीक आकलन: खनिजों के ग्रेड निर्धारण और मात्रा के सही आकलन के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग सुनिश्चित होगा।
व्यापारिक सुगमता और प्रशासनिक निर्णय:
- शुल्क और सुरक्षा निधि: भंडारण अनुज्ञापत्रधारियों के लिए भण्डारण शुल्क और सिक्योरिटी डिपॉजिट में वृद्धि की गई है।
- भूमि और लाइसेंस: 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के तहत अब लाइसेंस धारक अतिरिक्त जमीन के लिए आवेदन कर सकेंगे और दो भंडारण लाइसेंसों को समामेलित (Merge) करना आसान होगा।
निर्णय का प्रभाव:
इन संशोधनों से अवैध खनन, परिवहन और भंडारण जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा। इससे शासन प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित होगी।
स्रोत: कैबिनेट निर्णय, छत्तीसगढ़ शासन | 09 जून 2026

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