तमिलनाडु में ₹19,000 करोड़ की 'स्मार्ट मीटर परियोजना' रद्द: मुख्यमंत्री विजय का बड़ा फैसला और विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया

तमिलनाडु पावर सेक्टर में बड़ा बदलाव: ₹19,000 करोड़ की 'स्मार्ट मीटर परियोजना' रद्द

चेन्नई: तमिलनाडु सरकार ने राज्य में लागू होने वाली ₹19,000 करोड़ की महत्वाकांक्षी 'स्मार्ट मीटर परियोजना' को अस्वीकार कर उसे पूरी तरह से रद्द कर दिया है। मुख्यमंत्री 'थलापति' विजय के इस साहसिक फैसले ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है।

परियोजना का रद्द होना

TANGEDCO (तमिलनाडु विद्युत उत्पादन और वितरण निगम) ने इस योजना के टेंडर को दिसंबर महीने में ही रद्द कर दिया था। अब सरकार ने इसे पूरी तरह से 'ठंडे बस्ते' में डालने का निर्णय लिया है। सरकार का यह कदम राज्य की वित्तीय स्थिति और जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

इस फैसले पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी ने इसे राज्य के पावर सेक्टर के लिए एक "बहुत बड़ी गलती" बताया है। विपक्ष का तर्क है कि इस परियोजना के रद्द होने से बिजली क्षेत्र के आधुनिकीकरण और पारदर्शिता पर असर पड़ेगा।

जनता और समर्थकों का रुख

सोशल मीडिया पर आम जनता और थलापति विजय के फैंस इस कदम को कॉर्पोरेट मुनाफे के खिलाफ एक जनहितैषी और साहसिक फैसला बता रहे हैं। समर्थकों का मानना है कि यह निर्णय आम बिजली उपभोक्ताओं को अनावश्यक आर्थिक बोझ से बचाएगा।

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