तमिलनाडु में शराब नीति सख्त: 21 से कम उम्र वालों पर बैन, 717 दुकानों पर लगा ताला
तमिलनाडु: शराब बिक्री पर सख्त पाबंदी: 14 जून 2026 का पूरा अपडेट
राज्य सरकार ने विशेष रूप से 21 वर्ष से कम आयु के युवाओं और छात्रों को लक्षित करते हुए निम्नलिखित कड़े निर्देश जारी किए हैं:
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में अब 21 वर्ष से कम आयु वाले किसी भी व्यक्ति को शराब बेचना, परोसना या उपलब्ध कराना कानूनन अपराध माना जाएगा। यह कदम युवाओं को शराब की लत से बचाने और उनके स्वास्थ्य की रक्षा के लिए उठाया गया है।
शराब की दुकानों (TASMAC), बार, होटलों और निजी क्लबों को यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे किसी भी संदिग्ध आयु वाले ग्राहक को शराब देने से पहले उसका आधिकारिक पहचान पत्र मांगें।
- दस्तावेज: इसके लिए ग्राहक को ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य मान्य सरकारी पहचान पत्र दिखाना होगा।
- आधार कार्ड का उपयोग: सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आयु के सत्यापन हेतु [Aadhaar Redacted] (आधार) जैसे आधिकारिक दस्तावेजों का प्रयोग किया जा सकता है, ताकि उम्र की सटीक पुष्टि हो सके।
छात्रों और आम जनता की सुविधा व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है:
- राज्य भर में 717 शराब की दुकानों को बंद कर दिया गया है।
- ये वे दुकानें थीं जो मंदिरों, स्कूलों, कॉलेजों और व्यस्त बस स्टॉप के बेहद करीब स्थित थीं, जिससे वहां के वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था।
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार का मानना है कि शराब की सुलभता को कम करके और युवाओं की पहुंच को प्रतिबंधित करके राज्य में सामाजिक व्यवस्था में सुधार लाया जा सकता है। यह निर्णय केवल शराब की बिक्री को सीमित करने तक ही नहीं, बल्कि शैक्षणिक परिसरों और धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम है।
सरकार ने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि इन नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों (दुकानों या बार) के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उनका लाइसेंस रद्द किया जाए।
तमिलनाडु सरकार का यह कदम राज्य में शराब के प्रति एक जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है। यह नीति युवाओं को गलत संगत और नशे की लत से बचाने के लिए एक 'सुरक्षा कवच' के रूप में कार्य करेगी।

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