सुशासन तिहार विधायकों और सांसदों की पेंशन बंद करने की उठी मांग, महासमुंद के पंकज साहू ने सौंपा आवेदन
NK संगवारी विशेष रिपोर्ट: सुशासन तिहार 2026
शीर्षक: पूर्व विधायकों और सांसदों की पेंशन बंद करने की उठी मांग
महासमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक दिलचस्प और चर्चा का विषय बन जाने वाला आवेदन सामने आया है। 'सुशासन तिहार 2026' के तहत दिए गए एक आवेदन में पूर्व विधायकों और सांसदों की पेंशन बंद करने की मांग की गई है।
क्या है मामला?
महासमुंद के वार्ड क्रमांक 25 (डॉ. राधाकृष्णन वार्ड) निवासी पंकज साहू ने एक आवेदन पत्र सौंपा है। इस आवेदन में उन्होंने राज्य सरकार से पूर्व विधायकों और सांसदों को दी जाने वाली पेंशन व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और उसे बंद करने का आग्रह किया है।
आवेदक का तर्क:
- पंकज साहू ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2008 में पूर्व विधायकों के लिए पेंशन योजना शुरू की गई थी।
- उस समय पेंशन की राशि 15,000 रुपये थी, जो अब बढ़कर 98,500 रुपये प्रति माह तक पहुंच गई है।
- आवेदक का मानना है कि इस भारी-भरकम पेंशन के कारण राज्य के सरकारी खजाने पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
- उनका तर्क है कि जनहित और राष्ट्रहित में इस खर्च को रोकना आवश्यक है।
चर्चा का विषय:
इस आवेदन के बाद स्थानीय स्तर पर पूर्व जनप्रतिनिधियों की पेंशन को लेकर नई बहस छिड़ गई है। फिलहाल, इस आवेदन पर संबंधित विभाग और प्रशासन क्या रुख अपनाता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
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