मुनाफे में रहने के बावजूद IMPCL का निजीकरण: क्या सरकारी कंपनियों और विभागों का भविष्य खतरे में है?

 


​नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने आयुर्वेदिक और यूनानी दवाएं बनाने वाली अपनी एकमात्र सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी IMPCL (इंडियन मेडिसिन्स फार्मास्युटिकल कॉर्पोरेशन लिमिटेड) को निजी हाथों में सौंप दिया है। सरकार ने इस कंपनी को 'मेसर्स स्काईमैप फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड' को 121 करोड़ रुपये में बेच दिया है। अल्मोड़ा (उत्तराखंड) में स्थित यह कंपनी केंद्र के आयुष मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत थी।

​कंपनी की स्थिति: लगातार मुनाफे में थी IMPCL

​सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह कंपनी घाटे में थी? आंकड़ों पर गौर करें तो तस्वीर पूरी तरह अलग है। IMPCL कोई घाटे वाली कंपनी नहीं थी, बल्कि इसने पिछले कुछ वर्षों में असाधारण वृद्धि दर्ज की थी।

वित्तीय प्रदर्शन: साल 2019-20 में कंपनी का मुनाफा 45 लाख रुपये था, जो 2021-22 तक बढ़कर 3,376 लाख रुपये के शिखर पर पहुँच गया। यह लगभग 75 गुना की जबरदस्त बढ़ोतरी थी।

​हालिया रुझान: हालांकि पिछले दो वर्षों (2022-23 में 2,081 लाख और 2023-24 में 1,281 लाख रुपये) में मुनाफे में गिरावट देखी गई, लेकिन इसके बावजूद कंपनी निरंतर लाभ (Profit) कमा रही थी।

निजीकरण: सामाजिक और आर्थिक चिंताएं

​सरकारी संस्थानों का निजीकरण केवल एक व्यावसायिक सौदा नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी सामाजिक परिणाम होते हैं:

रोजगार पर सीधा प्रहार: सरकारी नौकरियों की कमी का मतलब है लाखों युवाओं के लिए सुरक्षित भविष्य के अवसरों का समाप्त होना। अब यहाँ भविष्य में कोई सरकारी भर्ती नहीं होगी, जो अत्यंत दुखद है।

लोक कल्याण बनाम निजी लाभ: सरकारी संस्थान केवल मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और लोक कल्याण को ध्यान में रखकर काम करते हैं। निजीकरण के बाद सेवा शर्तों और नौकरी की सुरक्षा पर संकट मंडराने लगता है।

​बढ़ती असुरक्षा: सरकारी विभागों का क्रमिक निजीकरण समाज के उस बड़े वर्ग को प्रभावित करता है जो सरकारी नौकरी को ही स्थिरता का आधार मानता है।

​श्रमिक असंतोष: निजीकरण की आहट कर्मचारियों के बीच तीव्र असंतोष और आंदोलनों को जन्म देती है।

​विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी विभागों का निजीकरण न केवल रोजगार के अवसरों को सीमित करता है, बल्कि भविष्य में सरकारी तंत्र के व्यापक निजीकरण का मार्ग भी प्रशस्त कर सकता है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए चिंताजनक है।


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