172 दिन से तूता में डटे डीएड अभ्यर्थी: 2300 पदों पर नियुक्ति की मांग, PM मोदी को भेजा पत्र
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छत्तीसगढ़। एक्सक्लूसिव
डीएड अभ्यर्थियों का आंदोलन: 172 दिन से तूता में धरना, 2300 पदों पर नियुक्ति की मांग
रायपुर, छत्तीसगढ़: सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के तहत नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का संघर्ष जारी।
आंदोलन की प्रमुख मांगें और मुद्दे
छत्तीसगढ़ में डीएड (D.Ed) प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का आंदोलन पिछले 172 दिनों से लगातार जारी है। रायपुर के तूता (Tuta) धरना स्थल पर चल रहे इस अनिश्चितकालीन प्रदर्शन की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
- 2300 पदों पर नियुक्ति: प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के तहत खाली पड़े लगभग 2300 रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करने की है।
- न्यायालय के आदेश: अभ्यर्थियों का कहना है कि उच्च न्यायालय (High Court) और सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद राज्य सरकार नियुक्ति प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ा रही है।
- अनिश्चितकालीन प्रदर्शन: 24 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ यह आंदोलन अब 170 दिनों से अधिक का हो चुका है। इस दौरान अभ्यर्थियों ने कई बार शांतिपूर्ण तरीके से विरोध किया है, जिसमें जेल भरो आंदोलन और अनशन जैसे कदम भी शामिल हैं।
हालिया घटनाक्रम
- प्रधानमंत्री को पत्र: अपनी मांगों और प्रशासन की उदासीनता के प्रति ध्यान आकर्षित करने के लिए, अभ्यर्थियों ने हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को स्पीड पोस्ट के माध्यम से पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने और शिक्षा विभाग को दिशा-निर्देश जारी करने की गुहार लगाई है।
- स्वास्थ्य पर असर: भीषण गर्मी और लगातार जारी आंदोलन के कारण कई अभ्यर्थियों का स्वास्थ्य बिगड़ चुका है। धरना स्थल पर तापमान अत्यधिक होने के कारण कई लोगों को लू और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
- प्रशासनिक उदासीनता का आरोप: अभ्यर्थियों का आरोप है कि वे अपनी पीड़ा को लेकर शिक्षा मंत्री और विभागीय अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। हाल ही में उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1076) पर भी शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन तकनीकी कारणों से वहां भी उन्हें संतोषजनक समाधान नहीं मिला।
समर्थन और आगामी कदम
विभिन्न राजनीतिक दलों (जैसे आम आदमी पार्टी) ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है और सरकार को जल्द कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता और नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
"कोर्ट के आदेश के बावजूद 2300 पदों पर नियुक्ति नहीं हो रही। 172 दिन से धूप-बारिश में बैठे हैं, कई साथी अस्पताल में भर्ती हैं। सरकार सिर्फ आश्वासन दे रही है।"

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