छत्तीसगढ़ की आज की टॉप खबरें: 13 जून 2026, विस्तृत पढ़ें बस एक क्लिक में
CG टॉप बड़ी खबरें: 13 जून 2026 का पूरा अपडेट
1. नीति आयोग: 'विकसित छत्तीसगढ़' का विजन, बस्तर का कायाकल्प
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु 'विकसित छत्तीसगढ़' और बस्तर का कायाकल्प था। मुख्यमंत्री ने बताया कि जो बस्तर कभी नक्सली हिंसा के लिए पहचाना जाता था, उसे अब देश के लिए 'विकास मॉडल' के रूप में विकसित किया जा रहा है।
- आय दोगुनी करने का लक्ष्य: सरकार ने अगले तीन वर्षों में बस्तर के आदिवासी परिवारों की मासिक आय को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹30,000 तक करने का लक्ष्य रखा है।
- डेयरी मॉडल: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए 'व्हाइट रिवोल्यूशन' पर जोर। आदिवासी परिवारों को दुधारू गाय और भैंस उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- सिंचाई विस्तार: बस्तर में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली दो बड़ी सिंचाई परियोजनाएं शुरू हो रही हैं, जिनसे 32,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
- 3T मॉडल: विकास के लिए Technology, Transparency, और Transformation को आधार बनाया गया है।
- आधुनिक निवेश: राज्य में AI और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में निवेश आकर्षित किया जा रहा है। नवा रायपुर में देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट और एआई डेटा सेंटर की स्थापना शुरू।
- शिक्षा शहर: अबुझमाड़ और जगदलपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से 'एजुकेशन सिटी' विकसित की जा रही है।
- डिजिटल स्वास्थ्य: बस्तर के लगभग 36 लाख लोगों के लिए डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है।
- पर्यटन: चित्रकूट और सिरपुर को विश्व स्तरीय पर्यटन और बौद्ध तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
- प्रशासनिक सुधार: 'सिंगल विंडो सिस्टम' को मजबूत करने के बाद 435 प्रशासनिक सुधार लागू किए गए हैं।
- ODOP योजना: 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' के तहत स्थानीय उत्पादों, विशेषकर सुगंधित चावल को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जा रहा है।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री साय का यह विजन बस्तर को एक 'संभावनाओं के क्षेत्र' के रूप में स्थापित करता है। कृषि, पशुपालन, पर्यटन और आधुनिक तकनीक का संयोजन यह सुनिश्चित करेगा कि छत्तीसगढ़ विकास की गति में अग्रणी राज्य बने।
2. कृषि विशेष: फसल के शुरुआती 20-30 दिन सबसे नाजुक, 25% तक घट सकती है पैदावार
फसल के अंकुरण से लेकर शुरुआती एक महीने का समय पौधे के "बचपन" जैसा होता है। इस दौरान जड़ विकास होता है और खरपतवार फसल के साथ पोषक तत्वों, पानी और धूप के लिए मुकाबला करते हैं।
- नुकसान: विशेषज्ञों के अनुसार, खरपतवार फसल की 15% से 25% तक पैदावार कम कर देते हैं।
- उपाय: बुवाई के 20-25 दिनों के भीतर पहली निराई सबसे प्रभावी होती है। मल्चिंग और सटीक शाकनाशी का उपयोग करें।
- पहचानें संकेत: पत्तों पर छेद, किनारों का पीला पड़ना या पौधे का मुरझाना शुरुआती लक्षण हैं।
- सावधानी: बीज उपचार 50% बीमारियों को खत्म कर देता है। फेरोमोन ट्रैप लगाएं और शुरुआत में नीम का तेल या 'बीजामृत' का छिड़काव करें।
- अपूर्ण विकास: पौधा कुपोषित रह जाएगा, जिससे बालियां/फल छोटे लगेंगे।
- रोग का प्रसार: शुरुआती बीमारी का इलाज नहीं हुआ तो वह पूरे खेत में फैल जाएगी।
- आर्थिक नुकसान: फसल खराब होने पर निवेश का पैसा डूब जाता है।
- खेत की निगरानी: हर 3-4 दिन में खेत का एक चक्कर लगाएं। जो समस्या जल्दी पकड़ी जाती है, वह सस्ती और आसानी से ठीक हो जाती है।
- संतुलित खाद: केवल यूरिया पर निर्भर न रहें। मिट्टी की जांच के आधार पर माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का प्रयोग करें।
- जल प्रबंधन: खेत में जलभराव न होने दें, क्योंकि नमी अधिक होने पर जड़ सड़न और फंगस की बीमारी सबसे पहले आती है।
मुख्य संदेश: यदि आप शुरुआती 30 दिनों में फसल को खरपतवार मुक्त और कीटों से सुरक्षित रख लेते हैं, तो 25-30% पैदावार बढ़ना निश्चित है।
3. स्वास्थ्य: नया रायपुर में कुष्ठ रोग के शून्य संचरण पर क्षेत्रीय कार्यशाला
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य 'वर्ष 2030 तक कुष्ठ रोग को जड़ से मिटाने' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए रोडमैप तैयार करना था।
- रणनीति: अब रणनीति केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि 'ट्रांसमिशन को पूरी तरह रोकना' है।
- प्रारंभिक पहचान: कुष्ठ रोग के मामलों की शुरुआती पहचान पर जोर दिया गया।
- संपर्क ट्रेसिंग: कुष्ठ रोगियों के संपर्क में आने वाले लोगों की सक्रिय जांच और निवारक दवा देने की प्रक्रिया तीव्र होगी।
- सक्रिय घर-घर सर्वे: 'सक्रिय कुष्ठ खोज अभियान' के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर संदिग्ध मामलों की पहचान की है।
- डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड: सभी जिलों में कुष्ठ रोगियों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया गया है, जिससे दवाओं की उपलब्धता और फॉलो-अप आसान हो गया है।
- सामाजिक कलंक: बीमारी छुपाने से संक्रमण फैलता है। इसके लिए 'सामुदायिक जागरूकता अभियान' को पंचायत स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया गया।
- विशेषज्ञों की कमी: दूरस्थ इलाकों में 'टेली-मेडिसिन' का उपयोग करने का सुझाव दिया गया।
- जिला-वार कार्ययोजना: प्रत्येक जिले के लिए अलग से 'एलिमिनेशन प्लान' तैयार किया जाएगा।
- निगरानी: अगले 6 महीनों में उन सभी क्षेत्रों की पुन: जांच की जाएगी जहाँ पिछले 2 वर्षों में कुष्ठ के मामले मिले हैं।
महत्व: छत्तीसगढ़ में इस कार्यशाला का आयोजन दर्शाता है कि राज्य सरकार कुष्ठ मुक्त भारत के सपने को साकार करने में केंद्रीय प्रयासों के साथ पूरी तरह से जुड़ी हुई है।
4. कोरबा: कंकी-तरदा रोड पर अवैध अतिक्रमण पर चला बुलडोजर
लंबे समय से मिल रही शिकायतों और सड़क चौड़ीकरण में आ रही बाधाओं को देखते हुए, कंकी-तरदा रोड पर स्थित अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया गया है।
- सघन अभियान: सुबह 8 बजे भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन के अधिकारी जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुँचे। बिना किसी पूर्व चेतावनी के सड़क की जमीन पर कब्जा करके बनाई गई दुकानों और मकानों को तोड़ा गया।
- प्रशासनिक तर्क: अधिकारियों का कहना है कि कई लोग सड़क की सीमा के भीतर निर्माण कर रहे थे, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा था और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया था।
- अफरा-तफरी: अचानक हुई इस कार्रवाई से स्थानीय निवासियों और दुकानदारों में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि यह अतिक्रमण 'सरकारी भूमि' पर है।
- विरोध और समर्थन: प्रभावित लोग इसे "अचानक की गई कार्रवाई" बता रहे थे, वहीं आम जनता और वाहन चालकों ने इस कदम का स्वागत किया है।
- भारी पुलिस बल: कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात थे।
- सड़क की चौड़ाई: इस अभियान के बाद सड़क को उसकी मूल चौड़ाई पर वापस लाया जाएगा।
- चेतावनी: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरे जिले में सरकारी जमीनों का सर्वे किया जा रहा है। यह अभियान अन्य इलाकों में भी जारी रहेगा।
5. कांकेर: आकाशीय बिजली का कहर, 3 लोगों की मौत, 5 महिलाएं गंभीर घायल
आकाशीय बिजली गिरने से एक ही गांव के तीन लोगों की मौके पर ही जान चली गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
- स्थान: यह हादसा अंतागढ़ विकासखंड के कलगांव में हुआ।
- मनरेगा कार्य: गांव में मनरेगा के तहत तालाब गहरीकरण का कार्य चल रहा था। सुबह करीब 70 मजदूर काम कर रहे थे।
- पेड़ के नीचे ली शरण: तेज बारिश से बचने के लिए मजदूरों का एक समूह पास के एक बड़े पेड़ के नीचे खड़ा हो गया।
- बिजली का प्रहार: उसी समय जोरदार कड़क के साथ आकाशीय बिजली उसी पेड़ पर गिरी।
- मृतक: 1. मनराज पटेल (उपसरपंच), 2. संतोष पटेल, 3. प्रकाश पटेल।
- घायल: हादसे में 5 अन्य महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं। एक महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल, कांकेर रेफर कर दिया गया है।
- जांच के आदेश: स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम गांव पहुंची। प्रभावित परिवारों को सरकारी नियमानुसार तत्काल मुआवजा राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
- सावधानी की अपील: जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे न खड़े हों। खुले मैदान या खेतों में काम करते समय सुरक्षित पक्के आश्रयों में जाएं।
महत्व: यह घटना मानसून की शुरुआत के साथ ही बिगड़े मौसम और उसके प्रति बरती जाने वाली सावधानियों की कमी को दर्शाती है। गांव में मातम का माहौल है।
6. मुंगेली: स्कूल बसों की सुरक्षा में बड़ी लापरवाही, 10 बसें अनफिट
आरटीओ और परिवहन विभाग की टीम ने मुंगेली शहर के विभिन्न स्कूलों में खड़ी 29 स्कूल बसों की औचक जांच की। इस जांच में सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ती हुई नजर आईं।
- फर्स्ट-एड बॉक्स का अभाव: अधिकांश बसों में प्राथमिक उपचार किट गायब थी या उसमें एक्सपायर्ड दवाएं थीं।
- अग्निशमन यंत्र: कई बसों में आग बुझाने वाले यंत्र नहीं थे या वे काम करने की स्थिति में नहीं थे।
- स्पीड गवर्नर: बसों की रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए जरूरी 'स्पीड गवर्नर' की कार्यक्षमता सही नहीं पाई गई।
- दस्तावेजों में कमी: फिटनेस प्रमाण-पत्र, बीमा और परमिट संबंधी दस्तावेजों में अनियमितताएं मिलीं।
- खिड़की की ग्रिल: कई बसों की खिड़कियों में सुरक्षा ग्रिल ढीली थी, जो बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती थी।
- 10 बसें अनफिट: टीम ने जांच के दौरान 10 बसों को 'अनफिट' करार दिया है।
- सख्त आदेश: बस संचालकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि जब तक कमियों को सुधारा नहीं जाएगा और पुनः जांच नहीं करवाई जाएगी, तब तक ये बसें सड़क पर नहीं दौड़ेंगी।
- कार्रवाई की चेतावनी: यदि निर्देशों का पालन नहीं हुआ, तो भारी जुर्माना और बस जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
- मॉक ड्रिल: एसएसपी ने खुद कंट्रोल रूम को कॉल करके आपातकालीन स्थिति की सूचना दी और रिस्पॉन्स टाइम देखा।
- उपकरणों की जांच: गाड़ियों में मौजूद जीपीएस, सायरन और मेडिकल किट की स्थिति का जायजा लिया।
- सुधार के निर्देश: रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने तथा संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए गए।
निष्कर्ष: प्रशासन का यह दोहरा रुख यह संदेश देता है कि शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मामले में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
7. बिलासपुर: NIA कोर्ट से मानव तस्करी के आरोपित बरी, गवाह पलटे
मामला मानव तस्करी और पॉक्सो एक्ट से जुड़ा था। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि आरोपितों ने एक नाबालिग पीड़िता को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ यौन शोषण करने की घटना को अंजाम दिया।
- गवाहों का पलटना: मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष के मुख्य गवाह और स्वयं पीड़िता अपने शुरुआती बयानों पर कायम नहीं रहीं। उन्होंने अदालत के समक्ष उन आरोपों का समर्थन नहीं किया जो FIR के समय लगाए गए थे।
- सबूतों में विरोधाभास: अदालत ने पाया कि पीड़िता के पुलिस को दिए गए बयानों और अदालत में दर्ज कराए गए बयानों में भारी विरोधाभास था। पीड़िता की आयु और शारीरिक साक्ष्यों को लेकर भी अभियोजन पक्ष पुख्ता सबूत पेश करने में विफल रहा।
- संदेह का लाभ: कानून के सिद्धांतों के अनुसार, यदि अभियोजन पक्ष "उचित संदेह से परे" मामला साबित नहीं कर पाता, तो इसका लाभ आरोपित को मिलता है।
- बिलासपुर में एनआईए कोर्ट मुख्य रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा, अंतर्राज्यीय अपराधों या विशेष गंभीर अपराधों से संबंधित मामलों की सुनवाई करती है।
- इस केस में जब साक्ष्यों का अभाव दिखा, तो कोर्ट ने साक्ष्य आधारित निर्णय लेते हुए आरोपितों को बरी करने का आदेश पारित किया।
महत्वपूर्ण नोट: अक्सर ऐसे मामलों में जहाँ पीड़िता या गवाह मुकर जाते हैं, अभियोजन पक्ष का मामला कमजोर हो जाता है, जिससे कोर्ट के पास आरोपित को बरी करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।
8. रायपुर: ASI के बेटे की बोलेरो से कुचलकर हत्या, अस्पताल में तोड़ा दम
इस घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है और पीड़ित परिवार तथा समाज में गहरा आक्रोश है।
- विवाद की पृष्ठभूमि: चंद्रमणि रात्रे उर्फ दादू, जो यातायात विभाग में पदस्थ एएसआई रामनारायण रात्रे के पुत्र थे, का कुछ अज्ञात लोगों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।
- बोलेरो से कुचलने का दुस्साहस: विवाद के बाद, आरोपितों ने बड़ी बेरहमी से चंद्रमणि को अपनी बोलेरो गाड़ी से कुचल दिया। हमला इतना भीषण था कि उनके शरीर के कई आंतरिक हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
- उपचार और मृत्यु: घायल अवस्था में उन्हें रामकृष्ण केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को इलाज के दौरान उनकी स्थिति बिगड़ गई और उन्होंने अंतिम सांस ली।
- गुस्सा और मांग: आक्रोशित स्वजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल और पुलिस थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि आरोपित बेखौफ घूम रहे थे।
- प्रशासन से अपेक्षा: पीड़ित परिवार ने मांग की है कि इस घटना को केवल दुर्घटना न माना जाए, बल्कि यह एक 'सुनियोजित हत्या' है।
- हत्या का मामला: चंद्रमणि की मृत्यु के बाद, पुलिस ने अब इस मामले में धाराएं बढ़ा दी हैं और इसे हत्या के तहत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- सीसीटीवी और साक्ष्य: पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है ताकि गाड़ी नंबर और उसमें सवार लोगों की पहचान की जा सके।
निष्कर्ष: एक पुलिस अधिकारी के बेटे की इस तरह से हत्या ने रायपुर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
9. शिक्षा: 16 जून से 'प्रवेश उत्सव', डिजिटल हाजिरी अनिवार्य
राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों और DEO को आदेश जारी किए हैं कि पहले दिन स्कूलों में 'प्रवेश उत्सव' का भव्य आयोजन किया जाए।
- सजावट: स्कूलों को गुब्बारों, फूलों और तोरण-द्वारों से सजाया जाएगा। पहले दिन आने वाले छात्रों का तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया जाएगा।
- निःशुल्क वितरण: उत्सव के दौरान ही सभी पात्र विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों और गणवेश का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
- डिजिटल हाजिरी: राज्य के सरकारी स्कूलों में अब शिक्षकों की हाजिरी 'विद्या समीक्षा केंद्र' के जरिए ऑनलाइन होगी।
- रियल-टाइम मॉनिटरिंग: स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति और मध्याह्न भोजन की जानकारी भी इसी डिजिटल सिस्टम से सीधे रायपुर मुख्यालय तक पहुंचेगी।
- स्वास्थ्य परीक्षण: स्कूल खुलने से पहले रसोइयों का स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य कर दिया गया है।
- सुरक्षा जांच: जिला स्तरीय निगरानी कमेटियां स्कूलों में जाकर खाद्यान्न के भंडारण और भोजन की गुणवत्ता की रैंडम जांच करेंगी।
- ड्रॉप-आउट कम करना: उन बच्चों को फिर से स्कूल से जोड़ना जो कोरोना काल या अन्य कारणों से शिक्षा से दूर हो गए थे।
- शाला त्यागी बच्चों की वापसी: उन बच्चों की पहचान करना जो अभी तक किसी भी स्कूल में पंजीकृत नहीं हैं।
प्रशासनिक संदेश: शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रवेश उत्सव के दौरान केवल औपचारिकता न हो, बल्कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति भी अनिवार्य की जाए।
10. अंबिकापुर: 'न्यूड वीडियो' वायरल करने की धमकी देकर 4.50 लाख की साइबर ठगी
पीड़ित महिला की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- अपरिचित वीडियो कॉल: महिला को एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल उठाते ही दूसरी तरफ से अश्लील हरकतें की जा रही थीं। महिला ने तुरंत कॉल काट दिया।
- वीडियो रिकॉर्डिंग का दावा: कुछ ही देर बाद, महिला को एक वीडियो भेजा गया, जिसमें महिला की फोटो को मॉर्फ करके एक अश्लील वीडियो के साथ एडिट किया गया था।
- ब्लैकमेलिंग: अपराधियों ने धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए, तो वीडियो को उनके पति, परिजनों और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। डर के मारे महिला ने 4.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
- पैसे लेने के बाद भी धमकी: पैसे देने के बाद भी अपराधी अधिक पैसों की मांग करने लगे। तब महिला ने परिजनों को पूरी बात बताई।
- बैंक खाते फ्रीज: पुलिस ने उन बैंक खातों की जानकारी जुटाई है जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे। इन खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया चल रही है।
- इंटरस्टेट रैकेट की आशंका: प्राथमिक जांच में पुलिस को यह एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का काम लग रहा है, जो अक्सर मेवात या जामताड़ा से संचालित होते हैं।
- अनजान कॉल न उठाएं: किसी भी अनजान नंबर, विशेषकर +92 या अन्य विदेशी कोड वाले, से आने वाली वीडियो कॉल को बिल्कुल न उठाएं।
- पैनिक न हों: यदि कोई ब्लैकमेल करे, तो घबराएं नहीं। पैसा देने से अपराधी और लालची हो जाते हैं।
- तुरंत रिपोर्ट करें: ऐसे मामलों में तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या निकटतम साइबर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराएं।
- सोशल मीडिया सेटिंग्स: अपनी फेसबुक और इंस्टाग्राम प्रोफाइल को 'प्राइवेट' रखें।
11. हैदराबाद: 'इन्वेस्टर कनेक्ट' का कमाल, छत्तीसगढ़ को मिला ₹9,580 करोड़ का निवेश
इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ सरकार ने विभिन्न औद्योगिक समूहों के साथ ₹9,580 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर सहमति पत्र हस्ताक्षरित किए हैं।
- सेमीकंडक्टर और आईटी: राज्य का फोकस अब आधुनिक तकनीक की ओर है। निवेश का एक बड़ा हिस्सा सेमीकंडक्टर निर्माण और डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए आरक्षित है।
- फूड प्रोसेसिंग: बस्तर और सरगुजा में कृषि उपज को बढ़ावा देने के लिए बड़े फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने पर समझौता हुआ है।
- नवीकरणीय ऊर्जा: सौर ऊर्जा और बैटरी निर्माण इकाइयों के लिए भी महत्वपूर्ण एमओयू हुए हैं।
- स्टील और डाउनस्ट्रीम उद्योग: स्टील और एल्यूमीनियम के 'वैल्यू एडेड' उत्पादों पर भी बड़े औद्योगिक घरानों ने रुचि दिखाई है।
- रोजगार के अवसर: विशेषज्ञों का अनुमान है कि इन निवेशों से राज्य में 15,000 से अधिक युवाओं को सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होगा।
- क्षेत्रीय संतुलन: निवेश को केवल रायपुर-दुर्ग बेल्ट तक सीमित न रखकर बस्तर और अन्य पिछड़े इलाकों की ओर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।
- आर्थिक गतिशीलता: इतने बड़े स्तर का निवेश राज्य के GSDP में भारी उछाल लाएगा और राजस्व में वृद्धि करेगा।
- सिंगल विंडो सिस्टम: उद्योगों को मिलने वाली सभी अनुमतियां 'सिंगल विंडो' के माध्यम से पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से दी जाएंगी।
- अधोसंरचना: छत्तीसगढ़ में बिजली की निरंतर उपलब्धता, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क को विश्व स्तरीय बनाने पर सरकार ने जोर दिया है।
- औद्योगिक गलियारे: राज्य में नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं ताकि उद्योगों को जमीन और कनेक्टिविटी की कोई समस्या न हो।
12. टेक निवेश: सेमीकंडक्टर और आईटी में ₹5,200 करोड़ का निवेश, बदलेगा छत्तीसगढ़ का चेहरा
छत्तीसगढ़ में औद्योगिक परिदृश्य का चेहरा बदलने की दिशा में सेमीकंडक्टर और आईटी क्षेत्र में आया यह निवेश मील का पत्थर माना जा रहा है।
- डेटा सेंटर का महत्व: आज के दौर में डेटा 'नया तेल' है। हाइपरनेक्स्ट का यह निवेश राज्य में क्लाउड कंप्यूटिंग, AI और बड़े पैमाने पर डेटा स्टोरेज की सुविधा लाएगा।
- क्यों खास है? यह सेंटर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत के लिए एक 'डेटा हब' के रूप में काम करेगा। इसमें अत्याधुनिक कूलिंग तकनीक और ग्रीन एनर्जी का उपयोग किया जाएगा।
- लाभ: आईटी कंपनियों, सरकारी विभागों और वित्तीय संस्थानों के लिए अपना डेटा सुरक्षित रखना सस्ता और सुलभ हो जाएगा।
- फोकस: निवाई लैब्स मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, एआई आधारित समाधान और सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग के क्षेत्र में कार्य करती है।
- सेमीकंडक्टर का भविष्य: निवाई लैब्स का सेटअप राज्य में सेमीकंडक्टर ईको-सिस्टम को विकसित करने में मदद करेगा।
- कौशल विकास: राज्य के इंजीनियरिंग छात्रों को अत्याधुनिक चिप डिजाइन और एआई प्रोग्रामिंग पर काम करने का अवसर मिलेगा।
- प्रतिभा पलायन पर रोक: अब तक छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली आईटी इंजीनियरों को बेंगलुरु, हैदराबाद जाना पड़ता था। अब उन्हें अपने ही राज्य में विश्व स्तरीय अवसर मिलेंगे।
- अनुषंगी उद्योगों का विकास: बड़े प्रोजेक्ट्स के आसपास हार्डवेयर सप्लायर, मेंटेनेंस कंपनियां और अन्य सपोर्टिंग आईटी स्टार्टअप्स का नेटवर्क तैयार हो जाएगा।
- राजस्व में वृद्धि: आईटी और सेमीकंडक्टर क्षेत्र 'हाई-वैल्यू' सेवाएं हैं, जो राज्य के कर राजस्व में पारंपरिक विनिर्माण की तुलना में अधिक योगदान देती हैं।
13. बिलासपुर-कोरबा: आंधी-तूफान से बिजली संकट, गुरसिया सहित ग्रामीण अंचल घंटों अंधेरे में
विशेष रूप से कोरबा जिले के गुरसिया गांव और उसके आसपास के ग्रामीण अंचलों में आंधी-तूफान के कारण विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।
- पेड़ गिरने से लाइनें क्षतिग्रस्त: तेज हवाओं के साथ बारिश के कारण कई जगहों पर पेड़ बिजली के तारों पर गिर गए हैं, जिससे खंभे झुक गए हैं और मुख्य फीडर लाइनें टूट गई हैं।
- तकनीकी खराबी: बारिश के दौरान हाई-वोल्टेज लाइनों में शॉर्ट-सर्किट की घटनाएं आम हो गई हैं।
- मरम्मत में देरी: दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में पहुंच मार्ग खराब होने और दलदली जमीन के कारण मरम्मत टीम को मौके तक पहुंचने में घंटों का समय लग रहा है।
- गुरसिया और आसपास: गुरसिया गांव और उससे जुड़े छोटे-छोटे मजरे-टोलों में कल रात से ही बिजली नहीं है। इससे पीने के पानी और बच्चों की पढ़ाई में भारी दिक्कत हो रही है।
- लगातार विद्युत कटौती: ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ घंटों के लिए बिजली आती है और फिर अचानक ट्रिपिंग के कारण गुल हो जाती है।
- विद्युत विभाग की सफाई: अधिकारियों का कहना है कि वे युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। इस बार तूफानों की तीव्रता अधिक होने के कारण नुकसान ज्यादा हुआ है।
- मरम्मत कार्य: विभाग ने अतिरिक्त टीमें तैनात की हैं। उम्मीद है कि अगले कुछ घंटों में प्रभावित गांवों में आपूर्ति सामान्य हो जाएगी।
आम जनता की परेशानी: लगातार बिजली प्रभावित रहने से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ रहा है। रात के अंधेरे में जहरीले जीवों का डर बना रहता है।
14. चिकित्सा शिक्षा: छत्तीसगढ़ के 5 नए मेडिकल कॉलेजों पर सस्पेंस, केंद्र से मंथन जारी
इन कॉलेजों के भविष्य को लेकर राज्य सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग - NMC के बीच लगातार पत्राचार चल रहा है।
- छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के विभिन्न जिलों में चिकित्सा शिक्षा सुलभ बनाने के उद्देश्य से 5 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की है।
- इनमें बुनियादी ढांचा लगभग तैयार है, लेकिन संचालन के लिए NMC से अंतिम मान्यता मिलना अनिवार्य है।
- संसाधन और उपकरण: NMC की मानक गाइडलाइंस के अनुसार, अत्याधुनिक लैब, लाइब्रेरी, और ऑपरेशन थिएटर का होना अनिवार्य है। केंद्र ने कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है।
- फैकल्टी और स्टाफ: प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और सहायक प्राध्यापकों के रिक्त पदों को भरने पर केंद्र ने सवाल उठाए थे। राज्य सरकार अब तक की गई नियुक्तियों का ब्योरा केंद्र को सौंप रही है।
- मरीजों की ओपीडी संख्या: मान्यता के लिए संबंधित जिला अस्पतालों में मरीजों की ओपीडी संख्या का एक तय मानक होता है।
- भवन और हॉस्टल: हॉस्टल की क्षमता और वहां मिलने वाली सुविधाओं पर भी केंद्र की टीम ने पहले निरीक्षण के दौरान कुछ सुझाव दिए थे।
- राज्य के स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि वे केंद्र द्वारा बताई गई सभी कमियों को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
- राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ के छात्रों को अपने ही प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा मिले, इसके लिए वे हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
छात्रों के लिए महत्व: यदि इन 5 कॉलेजों को समय पर मान्यता मिल जाती है, तो राज्य में MBBS की 500 से अधिक नई सीटें जुड़ जाएंगी।
15. मौसम अलर्ट: छत्तीसगढ़ के 19 जिलों में अगले 48 घंटे भारी बारिश का येलो अलर्ट
मानसून की सक्रियता के साथ ही राज्य के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है।
- उत्तर छत्तीसगढ़: सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर, और रायगढ़।
- मध्य छत्तीसगढ़: बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, रायपुर, बलौदाबाजार, और धमतरी।
- पड़ोसी क्षेत्र: दुर्ग, बेमेतरा और कबीरधाम जिले के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है।
- तेज हवाएं: बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। इससे कच्चे मकानों और पुराने पेड़ों को नुकसान हो सकता है।
- आकाशीय बिजली: जैसा कि हाल ही में कांकेर जिले में दुखद घटना हुई है, मौसम विभाग ने विशेष रूप से किसानों और ग्रामीणों को खुले खेतों में काम करते समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
- तापमान में गिरावट: भारी बारिश के कारण राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जाएगी।
- नदी-नालों की निगरानी: निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए नगर निगम और जिला प्रशासन की टीमों को 'स्टैंडबाय' पर रखा गया है।
- किसानों के लिए सलाह: खेतों में खड़ी फसलों को लेकर सतर्क रहने और जल निकासी की उचित व्यवस्था करने को कहा गया है।
- यात्रा में सावधानी: मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि बहुत आवश्यक न हो, तो भारी बारिश के दौरान यात्रा करने से बचें, विशेषकर पहाड़ी इलाकों में।
महत्वपूर्ण चेतावनी: मौसम विभाग के अनुसार, यह येलो अलर्ट आने वाले दो दिनों के लिए है। 15 जून तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी बारिश के और तेज होने की संभावना है।
16. सौर ऊर्जा: SG Mart का ₹700 करोड़ का निवेश, बनेगा सोलर कंपोनेंट हब
हैदराबाद में आयोजित 'इन्वेस्टर कनेक्ट' रोड शो के दौरान कंपनी ने छत्तीसगढ़ में ₹700 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है।
- फोकस एरिया: SG Mart का यह निवेश मुख्य रूप से सौर ऊर्जा उपकरण विनिर्माण पर केंद्रित है। कंपनी राज्य में 'सोलर स्ट्रक्चर कंपोनेंट्स' बनाने की इकाई स्थापित करेगी।
- रोजगार सृजन: इस प्रोजेक्ट के माध्यम से राज्य के लगभग 450 स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।
- हरित ऊर्जा को बढ़ावा: यह निवेश छत्तीसगढ़ सरकार की 'ग्रीन एनर्जी' नीति के अनुरूप है। स्थानीय उत्पादन से लागत कम होगी और सौर ऊर्जा परियोजनाओं में तेजी आएगी।
- औद्योगिक इकोसिस्टम: यह इकाई राज्य के औद्योगिक गलियारों में एक मजबूत सप्लाई चेन विकसित करने में मदद करेगी।
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस निवेश का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अब निवेशकों के लिए 'रेड कार्पेट' बिछा रहा है।
- सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली के तहत इस परियोजना को तेजी से अनुमतियां दिलाने का आश्वासन दिया गया है।
निष्कर्ष: यह निवेश इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ अब केवल कोयला और स्टील के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की 'सस्टेनेबल' ऊर्जा तकनीक के लिए भी एक प्रमुख गंतव्य बन रहा है।
17. स्वास्थ्य: नया रायपुर में कुष्ठ रोग 'शून्य संचरण' पर कार्यशाला संपन्न
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य से कुष्ठ रोग के शून्य संचरण का लक्ष्य हासिल करना है।
- लक्ष्य - शून्य संचरण: विशेषज्ञों ने जोर दिया कि केवल उपचार ही काफी नहीं है, बल्कि रोग के फैलने की श्रृंखला को पूरी तरह से तोड़ना अनिवार्य है। 2027-28 तक भारत को कुष्ठ रोग मुक्त बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप रणनीति तैयार की गई।
- प्रारंभिक पहचान: कुष्ठ रोग को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका इसकी जल्द पहचान करना है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया।
- कलंक का खात्मा: कुष्ठ रोग से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियां मरीजों को इलाज के लिए आगे आने से रोकती हैं। जागरूकता अभियानों के माध्यम से सामाजिक कलंक को खत्म करने की योजना बनाई गई है।
- सक्रिय केस खोज अभियान: राज्य के सभी जिलों में घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा ताकि छिपे हुए मरीजों को खोजकर उनका मुफ्त इलाज शुरू किया जा सके।
- मल्टी ड्रग थेरेपी: प्रदेश के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर कुष्ठ रोग की दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- जिला स्तरीय निगरानी: प्रत्येक जिले के CMHO को कुष्ठ रोग उन्मूलन के लक्ष्यों की मासिक समीक्षा करने के आदेश दिए गए हैं।
- विकलांगता रोकथाम: कुष्ठ रोग के कारण होने वाली शारीरिक विकलांगता को रोकने के लिए पुनर्वास और समय पर सर्जरी की सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर मंथन हुआ।
निष्कर्ष: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की यह कार्यशाला छत्तीसगढ़ के लिए एक दिशा-निर्देश साबित होगी। कुष्ठ रोग का 'शून्य संचरण' तभी संभव होगा जब आम जनता भी जागरूक होगी।
18. रायपुर: 'स्वामी नारायण गुरुकुल' के साथ बनेगा 650 बेड का चैरिटेबल अस्पताल
राज्य प्रशासन और प्रतिष्ठित आध्यात्मिक संस्था 'स्वामी नारायण गुरुकुल' के बीच उच्च-स्तरीय बैठक हुई, जिसमें 650 बिस्तरों वाले एक बड़े चैरिटेबल अस्पताल की स्थापना पर विस्तृत चर्चा की गई।
- किफायती स्वास्थ्य सेवा: इस अस्पताल का मुख्य उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बहुत कम लागत पर या निःशुल्क अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
- अत्याधुनिक तकनीक: इस अस्पताल में सुपर-स्पेशियलिटी सुविधाएं जैसे—हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, कैंसर उपचार, और आधुनिक डायलिसिस सेंटर उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है।
- गरीबों को प्राथमिकता: संस्थान की परंपरा के अनुसार, वंचित वर्ग के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि आर्थिक तंगी के कारण किसी का इलाज न रुके।
- जमीन और बुनियादी ढांचा: सरकार अस्पताल के लिए उपयुक्त जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
- संस्था की भूमिका: स्वामी नारायण गुरुकुल निर्माण कार्य करेगी और अस्पताल के संचालन व कुशल मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की जिम्मेदारी संभालेगी।
- पब्लिक-प्राइवेट-स्पिरिचुअल पार्टनरशिप: यह मॉडल राज्य में पहली बार बड़े स्तर पर प्रयोग किया जा रहा है।
- दबाव में कमी: रायपुर के सरकारी अस्पतालों पर मरीजों का भारी दबाव रहता है। इस नए चैरिटेबल अस्पताल के बनने से उन पर बोझ काफी कम होगा।
- रोजगार के अवसर: 650 बेड के अस्पताल के संचालन के लिए हजारों की संख्या में स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
अगला कदम: बैठक में दोनों पक्षों ने सहमति जताई है कि परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना जल्द तैयार की जाएगी।
19. धरमजयगढ़: कापू घाट पर ब्रेक फेल होने से मालवाहक पलटा, चार गंभीर घायल
ढलान और तीखे मोड़ के लिए चर्चित इस घाट में एक मालवाहक वाहन के ब्रेक फेल हो जाने से वह अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
- घटना: मालवाहक वाहन आवश्यक वस्तुओं की डिलीवरी के लिए कापू की ओर जा रहा था। जैसे ही वाहन कापू घाट के ऊपरी हिस्से से नीचे उतरने लगा, चालक का नियंत्रण वाहन से पूरी तरह हट गया।
- ब्रेक फेल होना बना कारण: शुरुआती जांच में सामने आया है कि ढलान पर ब्रेक लगाने के दौरान अचानक तकनीकी खराबी आई और वाहन का ब्रेक फेल हो गया।
- अनियंत्रित होकर पलटा: ब्रेक फेल होते ही वाहन की गति अनियंत्रित हो गई। मोड़ पर संतुलन बिगड़ने से वह सड़क किनारे पलट गया।
- घायलों की स्थिति: इस दुर्घटना में वाहन में सवार चार लोग बुरी तरह जख्मी हुए हैं। सभी घायलों को धरमजयगढ़ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
- तीखे मोड़ और ढलान: यह रास्ता घुमावदार होने के कारण भारी वाहनों के लिए बेहद खतरनाक है।
- सुरक्षा का अभाव: घाट के किनारों पर कई स्थानों पर क्रैश बैरियर का अभाव है, जिससे वाहन फिसलकर सीधे गहरी खाई में गिरने का खतरा बना रहता है।
- हादसे के बाद कापू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को सुचारू किया।
- ग्रामीणों ने मांग की है कि घाट के खतरनाक मोड़ों पर 'साइन बोर्ड' और गति अवरोधक लगाए जाएं।
- भारी मालवाहक वाहनों के लिए ढलान पर विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की जाए।
20. रायगढ़: ग्राम हाटी में मेले से लौट रहे दोस्तों पर काल का कहर, ट्रैक्टर की टक्कर से एक की मौत
ग्राम हाटी में तेज रफ्तार ट्रैक्टर की चपेट में आने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल है।
- घटना: मृतक और उसका साथी मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने गांव वापस लौट रहे थे। ये दोनों युवक ग्राम हाटी में आयोजित एक स्थानीय मेले का आनंद लेकर घर की ओर निकले थे।
- भीषण टक्कर: जैसे ही वे हाटी के मुख्य मार्ग पर पहुंचे, सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी।
- मौके पर ही दम तोड़ा: टक्कर इतनी भीषण थी कि मोटरसाइकिल सवार एक युवक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
- जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा साथी: हादसे में घायल दूसरे युवक की हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है। उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है।
- इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही मृतक और घायल युवक के परिजनों में कोहराम मच गया। गांव में मातम का माहौल है।
- केस दर्ज: छाल थाना पुलिस को घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
- आरोपी की तलाश: टक्कर मारने के बाद ट्रैक्टर चालक घटना स्थल से वाहन छोड़कर फरार हो गया है। पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश में जुटी है।
- हाटी क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि मेले के दौरान और उसके बाद अक्सर ट्रैक्टर और भारी वाहनों की तेज रफ्तार से यहां खतरा बना रहता है।
- ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मुख्य मार्गों पर गति नियंत्रण के लिए ब्रेकर बनाए जाएं और भारी वाहनों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
