छत्तीसगढ़ डेली न्यूज़ बुलेटिन: 10 जून 2026 प्रदेश की पूरी खबर पढ़े बस एक क्लिक में।
1. रेलवे अपडेट: UTS टिकट बुकिंग और R-Wallet सेवाएं 30 मिनट के लिए बंद
भारतीय रेलवे के 'अनारक्षित टिकट प्रणाली' (UTS) का उपयोग करने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। तकनीकी सुधार और सिस्टम अपग्रेडेशन के चलते आज रात सेवाओं में अस्थायी बाधा रहेगी।
सेवा प्रभावित रहने का समय: आज रात 11:50 बजे से 12:20 बजे तक (कुल 30 मिनट)।
क्या बंद रहेगा?
- UTS मोबाइल ऐप के माध्यम से टिकट बुकिंग सेवा।
- R-Wallet रिचार्ज की सुविधा।
2. सुशासन तिहार: 40 दिनों में मिली बड़ी सफलता, 6.43 लाख आवेदन हुए प्राप्त
छत्तीसगढ़ में शासन की कार्यप्रणाली को आम जनता के करीब लाने के उद्देश्य से चलाए गए 'सुशासन तिहार' के शानदार परिणाम सामने आए हैं।
प्रमुख आंकड़े:
- कुल शिविर: राज्य भर में 40 दिनों के भीतर 1,286 शिविर आयोजित किए गए।
- कुल आवेदन: इन शिविरों में जनता से कुल 6.43 लाख आवेदन प्राप्त हुए।
- शिकायतों की स्थिति: कुल आवेदनों में से शिकायतों की संख्या मात्र 26 हजार रही।
3. बिलासपुर में खाद-बीज की मांग पर कांग्रेस का प्रदर्शन
किसानों की समस्याओं को लेकर बिलासपुर में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन किया। खाद और बीज की किल्लत के विरोध में कार्यकर्ता बैलगाड़ियों में सवार होकर कलेक्टोरेट पहुंचे।
प्रदर्शन की मुख्य बातें:
- पुलिस से झड़प: कलेक्टोरेट गेट पर तैनात पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई।
- मांग: खरीफ सीजन के लिए खाद और बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग।
4. काम दिलाने के बहाने दिल्ली ले जाई गईं तीन नाबालिग: मनेन्द्रगढ़ लौटीं, बेचने की जताई आशंका
मनेन्द्रगढ़ से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। काम दिलाने का प्रलोभन देकर दिल्ली ले जाई गईं तीन नाबालिग लड़कियाँ किसी तरह अपनी जान बचाकर वापस मनेन्द्रगढ़ लौट आई हैं। पीड़ित लड़कियों और उनके परिजनों ने दिल्ली में उन्हें बेच देने की गंभीर आशंका जताई है।
घटनाक्रम के मुख्य बिंदु:
- बहला-फुसलाकर ले जाना: आरोपियों ने तीनों नाबालिगों को बेहतर काम और अच्छी कमाई का लालच देकर दिल्ली ले जाने की बात कही थी।
- बड़ी साजिश का अंदेशा: वापस लौटी लड़कियों ने बताया कि दिल्ली पहुँचने के बाद उन्हें एक अजीब माहौल में रखा गया, जिससे उन्हें लगा कि उन्हें बेचने की साजिश की जा रही है।
- पुलिस पर गंभीर आरोप: परिजनों का कहना है कि वे लगातार मामले की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई करने में टालमटोल कर रही है।
परिजनों की मांग: पीड़ित परिवार अब न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दिल्ली ले जाने वाले उन दलालों और उनके स्थानीय सहयोगियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, ताकि अन्य लड़कियों की जान बचाई जा सके।
इस घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। परिजनों के भारी विरोध के बावजूद पुलिस की सुस्ती पर अब स्थानीय स्तर पर भी सवाल उठने लगे हैं।
5. सुशासन तिहार: सीएम विष्णु देव साय का सारंगढ़ दौरा, सपेरा बस्ती में 65 आदिवासी परिवारों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री
सुशासन तिहार के विशेष अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एक अत्यंत संवेदनशील पहल करते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम भीखमपुरा स्थित सपेरा बस्ती का औचक दौरा किया। गुरुवार दोपहर मुख्यमंत्री के अचानक पहुंचने से क्षेत्र में प्रशासन सक्रिय हो गया।
दौरे की मुख्य बातें:
- झुग्गी-झोपड़ियों का जायजा: मुख्यमंत्री ने उस सपेरा बस्ती का दौरा किया, जहाँ 65 आदिवासी परिवार पिछले 35-40 वर्षों से बेहद अभावों में झुग्गी-झोपड़ी में जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
- सीधा संवाद: मुख्यमंत्री ने खुद बस्ती में घूमकर इन परिवारों की जीवन स्थितियों को देखा और उनकी मूलभूत आवश्यकताओं के बारे में विस्तार से चर्चा की।
- संवेदनशीलता: दशकों से बुनियादी सुविधाओं से वंचित इन परिवारों की व्यथा सुनकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल राहत और पुनर्वास की योजना बनाने के निर्देश दिए।
सीएम का संदेश: मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का असली अर्थ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन आदिवासी परिवारों के लिए पक्के आवास, स्वच्छ पेयजल और अन्य सरकारी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री के इस दौरे ने न केवल सपेरा बस्ती के निवासियों में नई उम्मीद जगाई है, बल्कि प्रशासन को भी धरातल पर काम करने के लिए मजबूर कर दिया है।
6. सूरजपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बस से 4.15 करोड़ का गांजा जब्त, झाड़ू बेचने की आड़ में चल रहा था तस्करी का खेल
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। गुरुवार को चेकिंग के दौरान एक यात्री बस से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 4.15 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
ऑपरेशन की मुख्य जानकारी:
- भारी मात्रा में बरामदगी: पुलिस ने बस से कुल 8 क्विंटल 30 किलो गांजा जब्त किया है, जिसे तस्करों ने शातिर तरीके से छिपाया था।
- तस्करी का तरीका: गांजा को कपड़ों की गठरियों के अंदर छिपाकर रखा गया था। यह बस 'झाड़ू बेचने की आड़' में सवारियों को लेकर कटनी (मध्य प्रदेश) की ओर जा रही थी।
- आरोपियों की संलिप्तता: बस के भीतर महिला और पुरुष दोनों सवार थे, जिनकी आड़ में तस्करी का यह नेटवर्क चलाया जा रहा था।
पुलिस की पैनी नजर: मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सूरजपुर पुलिस ने बस को घेराबंदी कर रोका। तलाशी के दौरान कपड़ों की गठरियां देख पुलिस को संदेह हुआ, जिसके बाद जब गठरियां खोली गईं तो उसमें बड़ी मात्रा में गांजा निकला।
फिलहाल पुलिस ने बस को जब्त कर लिया है और पकड़े गए लोगों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि तस्करी के इस अंतर्राज्यीय रैकेट के मुख्य सरगना तक पहुँचा जा सके।
7. CCPL सीजन-3 का धमाकेदार आगाज: रायपुर राइनोज और रायगढ़ लायंस ने जीत के साथ किया खाता खोला
छत्तीसगढ़ प्रीमियर लीग (CCPL) के तीसरे सीजन का शानदार आगाज हुआ है। पहले ही दिन रायपुर राइनोज और रायगढ़ लायंस ने अपने दमदार प्रदर्शन से टूर्नामेंट में अपनी धाक जमा दी है। खेल के मैदान पर चौके-छक्कों की बारिश के बीच दर्शकों का उत्साह देखते ही बनता था।
मैच की मुख्य विशेषताएं:
- अमनदीप खरे का शतक: रायपुर राइनोज के स्टार बल्लेबाज अमनदीप खरे ने शानदार शतक जड़कर टीम की जीत की नींव रखी। उनकी आक्रामक पारी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही।
- संगीत सोनी का धमाका: रायगढ़ लायंस के लिए संगीत सोनी का बल्लेबाजी धमाका देखने लायक था, जिन्होंने महत्वपूर्ण समय पर ताबड़तोड़ रन बनाकर टीम को जीत दिलाई।
- ग्लैमर का तड़का: मैच के दौरान बॉलीवुड अभिनेत्री मौनी रॉय ने अपनी शानदार परफॉरमेंस से समां बांध दिया, जिससे स्टेडियम में मौजूद प्रशंसकों का जोश दोगुना हो गया।
टूर्नामेंट का उत्साह: CCPL सीजन-3 के पहले ही दिन मिली इन जीत ने टूर्नामेंट को काफी रोमांचक बना दिया है। रायपुर और रायगढ़ की टीमों ने जिस तरह का खेल दिखाया है, उससे आने वाले मैचों में कड़ी प्रतिस्पर्धा की उम्मीद है।
स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था और प्रशंसकों ने अपनी-अपनी टीमों का जमकर समर्थन किया। मौनी रॉय की उपस्थिति ने ओपनिंग सेरेमनी और मैच के रोमांच को एक अलग स्तर पर पहुँचा दिया।
8. कोरबा बस स्टैंड से 22 लाख की यात्री बस चोरी: पुलिस की त्वरित कार्रवाई, कुछ ही घंटों में आरोपी गिरफ्तार
कोरबा जिले के मुख्य बस स्टैंड से एक यात्री बस चोरी होने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। लगभग 22 लाख रुपये कीमत की यह बस चोरी होने से हड़कंप मच गया था, लेकिन पुलिस की तत्परता ने इसे कुछ ही घंटों के भीतर बरामद कर लिया।
घटनाक्रम और पुलिस की सफलता:
- बस की चोरी: अज्ञात आरोपी ने कोरबा बस स्टैंड पर खड़ी यात्री बस को अपना निशाना बनाया और रात के अंधेरे में उसे लेकर रफूचक्कर हो गया।
- त्वरित घेराबंदी: बस मालिक की सूचना पर पुलिस ने तत्काल अलर्ट जारी किया और जिले भर की सीमाओं पर सघन नाकेबंदी कर दी।
- आरोपी की गिरफ्तारी: पुलिस की सक्रियता का ही परिणाम था कि बस को ले जा रहे आरोपी को कुछ ही घंटों के भीतर धर दबोचा गया और बस को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
सुरक्षा पर सवाल: शहर के प्रमुख बस स्टैंड से इतनी बड़ी वाहन चोरी हो जाने की घटना ने बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। वहीं, पुलिस की इस तेज कार्रवाई की स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है कि आखिर उसका इरादा क्या था और क्या इस चोरी में कोई गैंग शामिल है।
9. दुर्ग में स्वास्थ्य विभाग पर सख्त कार्रवाई: युवती की मौत के मामले में 9 कर्मियों को कारण बताओ नोटिस
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में उपचार में बरती गई कथित लापरवाही और खून की कमी से 20 वर्षीय युवती की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए **9 स्वास्थ्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस** जारी किया है।
घटना और कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- मामला क्या है? सिकलसेल एनीमिया से पीड़ित 20 वर्षीय युवती, दीपिका गाड़ा की जिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए थे।
- नोटिस की जद में कौन? कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के तहत सिविल सर्जन आशीष मिंज सहित स्वास्थ्य विभाग के कुल 9 लोगों को नोटिस दिया गया है।
- इनकी भी भूमिका संदिग्ध: नोटिस पाने वालों में चिकित्सा स्टाफ के अलावा तीन स्टाफ नर्स और दो लैब टेक्निशियन भी शामिल हैं।
प्रशासन का सख्त रुख: कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कदम उठाया गया है। सभी संबंधित कर्मचारियों को दो दिनों के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उनके खिलाफ आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की इस बड़ी चूक ने जिला चिकित्सालय की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर समय पर खून उपलब्ध न कराने का आरोप लगाया था, जिसकी पुष्टि अब प्रशासनिक नोटिस से होती दिख रही है।
10. छत्तीसगढ़ में सुशासन की नई पहल: मुख्यमंत्री साय ने लॉन्च की 'सीएम हेल्पलाइन 1076', अब एक कॉल पर होगा समाधान
आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण और प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्यव्यापी 'सीएम हेल्पलाइन 1076' का शुभारंभ किया है। इस नई व्यवस्था से अब नागरिक घर बैठे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे और उनके समाधान की स्थिति भी ट्रैक कर पाएंगे।
हेल्पलाइन की प्रमुख विशेषताएं:
- सरल पहुंच: नागरिक अब सिर्फ 1076 नंबर डायल करके सरकारी योजनाओं, शिकायतों और अन्य प्रशासनिक समस्याओं के संबंध में अपनी बात सीधे प्रशासन तक पहुँचा सकते हैं।
- समयबद्ध निराकरण: इस हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज शिकायतों के लिए एक निश्चित समय-सीमा (Time-bound) तय की गई है, जिसके भीतर संबंधित विभाग को कार्रवाई करना अनिवार्य होगा।
- पारदर्शिता और मॉनिटरिंग: मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) स्वयं इस हेल्पलाइन की निगरानी करेगा, जिससे शिकायतों के निराकरण में लापरवाही की गुंजाइश कम हो जाएगी।
सीएम का विजन: मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हेल्पलाइन राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को सशक्त बनाएगी। अब किसी को भी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, 'एक कॉल' से ही समाधान सुनिश्चित होगा।
प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि 1076 पर प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लें। इस पहल को छत्तीसगढ़ में सुशासन की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है।
11. राजधानी में साइबर ठगी: नवा रायपुर IIIT के सहायक प्राध्यापक के खाते से उड़ाए 1.08 लाख रुपये
रायपुर के नवा रायपुर स्थित ट्रिपल आईटी (IIIT) में कार्यरत एक सहायक प्राध्यापक साइबर अपराधियों की चालाकी का शिकार हो गए हैं। अपराधियों ने बड़ी सफाई से प्राध्यापक के बैंक खाते को हैक कर हजारों की चपत लगाई है।
ठगी के मुख्य बिंदु:
- फर्जी बेनिफिशियरी का खेल: अज्ञात साइबर ठगों ने प्राध्यापक की अनुमति के बिना उनके बैंक खाते में एक फर्जी बेनिफिशियरी (लाभार्थी) जोड़ा।
- निकासी का तरीका: बेनिफिशियरी जोड़ने के बाद, अपराधियों ने तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 1,08,000 रुपये खाते से निकाल लिए।
- पुलिस की कार्रवाई: पीड़ित की शिकायत पर राखी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और साइबर सेल की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
सुरक्षा के प्रति सतर्कता: यह घटना यह चेतावनी देती है कि साइबर अपराधी अब वित्तीय संस्थानों के सुरक्षा चक्र को भेदने में सक्षम हो रहे हैं। प्राध्यापक स्तर के व्यक्ति के साथ हुई यह घटना आम जनता के लिए भी एक गंभीर सबक है।
पुलिस ने इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों को खंगालना शुरू कर दिया है। साइबर सेल इस बात की जांच कर रही है कि फर्जी बेनिफिशियरी किस बैंक खाते से लिंक था, ताकि आरोपियों तक पहुँचा जा सके।
12. कोटा: सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर शिक्षक दंपती ने युवक से ठगे 9 लाख रुपये
कोटा क्षेत्र में सरकारी नौकरी का झांसा देकर एक बड़े धोखाधड़ी के मामले का खुलासा हुआ है। एक शिक्षक दंपती ने शिक्षा विभाग में सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियुक्ति दिलाने का प्रलोभन देकर पीड़ित से लाखों रुपये की ठगी की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराध दर्ज कर लिया है।
ठगी की विस्तृत कहानी:
- नौकरी का लालच: ग्राम नेवरा निवासी बिहारी सिंह टोडर के अनुसार, जगदलपुर के धरमपुरा निवासी शिक्षक दंपती—खीर सिंधु हरपाल और रेखा हरपाल—ने शिक्षा विभाग में उनकी ऊंची पहुंच होने का दावा किया था।
- बड़ी रकम की वसूली: दंपती ने शिकायतकर्ता के छोटे भाई को सहायक ग्रेड-3 की नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाकर उनसे कुल 9 लाख रुपये वसूले।
- धोखा और कार्रवाई: न तो पीड़ित को नियुक्ति मिली और न ही ठग दंपती ने पैसे लौटाए। अंततः परेशान होकर शिकायतकर्ता ने पुलिस में मामला दर्ज कराया।
पुलिस की चेतावनी: कोटा पुलिस ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे नौकरी दिलाने के नाम पर आने वाले ऐसे झांसों से सतर्क रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति को नौकरी के नाम पर मोटी रकम न दें।
शिक्षक जैसे सम्मानित पेशे से जुड़े दंपती पर लगे धोखाधड़ी के इस गंभीर आरोप ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस अब दंपती के बैंक खातों और अन्य संपर्कों की जांच कर रही है ताकि वसूली गई रकम की रिकवरी की जा सके।
13. छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: धान छोड़कर दूसरी फसल उगाने वाले किसानों को मिलेगी 15,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि
छत्तीसगढ़ के किसानों की आय बढ़ाने और राज्य में फसल विविधता (Crop Diversification) को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक नई और महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। अब किसान यदि धान की पारंपरिक खेती छोड़कर दलहन, तिलहन या अन्य लाभदायक फसलें चुनते हैं, तो उन्हें सरकार की ओर से विशेष आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
योजना के प्रमुख आकर्षण:
- प्रोत्साहन राशि: धान के स्थान पर दूसरी फसलें उगाने वाले किसानों को 15,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
- उद्देश्य: इस योजना का मुख्य लक्ष्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना और मिट्टी की उर्वरता में सुधार करना है, जो धान की निरंतर खेती के कारण प्रभावित होती है।
- फसलों का चयन: किसान दलहन (जैसे अरहर, मूंग), तिलहन, मक्का या अन्य नकदी फसलों को अपनाकर इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
किसानों के लिए लाभ: यह कदम न केवल खेती को अधिक लाभदायक बनाएगा बल्कि किसानों को बाजार की मांग के अनुसार विविधता लाने में मदद करेगा। सरकार ने उम्मीद जताई है कि इससे कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और किसानों की निर्भरता केवल एक फसल पर नहीं रहेगी।
कृषि विभाग इस योजना के क्रियान्वयन के लिए ब्लॉक स्तर पर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर रहा है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी नजदीकी कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर योजना के विस्तृत नियमों और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करें।
14. छत्तीसगढ़ के जंगलों में हाथी शावकों की मौत का रहस्य खुला: संक्रमण बना कारण, वन विभाग अब हाई-टेक निगरानी पर
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ और धरमजयगढ़ वन मंडलों में पिछले 25 दिनों के भीतर चार हाथी शावकों की असमय मौत ने वन विभाग को हिलाकर रख दिया था। अब जांच रिपोर्ट के जरिए इन मौतों के कारणों से पर्दा उठ गया है, जो किसी बाहरी हमले की जगह गंभीर आंतरिक संक्रमण की ओर इशारा करते हैं।
जांच में सामने आए मुख्य खुलासे:
- मौत का कारण: बरेली और देहरादून की एडवांस लैबोरेट्रीज से आई रिपोर्ट के अनुसार, शावकों की मौत हेपेटाइटिस, सेप्टीसीमिया और निमोनिया जैसी जानलेवा बीमारियों से हुई।
- हाइ-टेक निगरानी: संकट को देखते हुए अब जंगलों में थर्मल ड्रोन और ट्रैप कैमरों का उपयोग किया जा रहा है, ताकि हाथियों की गतिविधियों और स्वास्थ्य पर 24 घंटे नजर रखी जा सके।
- विशेषज्ञ कार्यशाला: सुरक्षा उपायों को और कड़ा करने के लिए रायगढ़ में दो-दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें देश भर के शीर्ष वन्यजीव वैज्ञानिक और पशु चिकित्सक शामिल हुए।
वर्तमान स्थिति: वर्तमान में रायगढ़ और धरमजयगढ़ के वन क्षेत्रों में हाथियों का एक बड़ा दल विचरण कर रहा है, जिनमें 37 नर, 62 मादा और 35 छोटे शावक शामिल हैं। इन शावकों की सुरक्षा अब विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
डीएफओ जितेंद्र उपाध्याय के मार्गदर्शन में वनकर्मी और 'हाथी मित्र दल' लगातार सक्रिय हैं। इस घटना के बाद से विभाग वन्यजीवों में संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए एक व्यापक प्रोटोकॉल पर काम कर रहा है।
15. छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक दिन: 'विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन' (VB-GRAMG) के तहत मिले 3,354.85 करोड़ रुपये
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन को नई गति देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। नई पहल "विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन" (VB-GRAMG) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 3,354.85 करोड़ रुपये का भारी-भरकम अंतरिम आवंटन प्राप्त हुआ है।
योजना के मुख्य स्तंभ और लाभ:
- सीधा फंड ट्रांसफर: इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब राज्य की ग्राम पंचायतों को सीधे फंड ट्रांसफर किया जाएगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
- स्थानीय सशक्तिकरण: पंचायतों को अब अपने स्तर पर फैसले लेने की पूरी आजादी होगी, जिससे सामुदायिक विकास के कार्य और स्थानीय रोजगार गारंटी को तेज गति मिलेगी।
- लागू होने की तिथि: यह देशव्यापी व्यवस्था आगामी 1 जुलाई 2026 से आधिकारिक रूप से प्रभावी हो जाएगी।
केंद्रीय मंत्री का निर्णय: केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस वित्तीय आवंटन को हरी झंडी दी गई। यह छत्तीसगढ़ के ग्रामीण बुनियादी ढांचे में एक 'ऐतिहासिक क्रांति' के रूप में देखा जा रहा है।
इस आवंटन के बाद छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों के पास विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कमी नहीं रहेगी। यह मिशन न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगा बल्कि राज्य के युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
16. बस्तर को मिली बड़ी न्यायिक सौगात: जगदलपुर में NIA की पहली स्पेशल कोर्ट की स्थापना, मामलों के त्वरित निपटारे का रास्ता साफ
बस्तर संभाग के लिए एक ऐतिहासिक न्यायिक उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने जगदलपुर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत शुरू करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह कदम क्षेत्र में नक्सल हिंसा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
न्यायिक व्यवस्था के मुख्य पहलू:
- अधिकार क्षेत्र: इस विशेष अदालत के अंतर्गत बस्तर (जगदलपुर), दंतेवाड़ा, कांकेर और कोंडागांव—ये चार जिले शामिल होंगे।
- लंबित प्रकरणों का भार: फिलहाल इन चार जिलों से जुड़े 21 मामले विचाराधीन हैं, जबकि लगभग 110 मामले रिमांड स्टेज पर हैं।
- नियुक्तियां: अभियोजन पक्ष को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता संजय शुक्ला और दिनेश पाणिग्राही को नियुक्त किया है।
विशेषता: अब तक राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मामलों के लिए लंबी दूरियां तय करनी पड़ती थीं। स्थानीय स्तर पर अदालत खुलने से न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी और सुरक्षा से जुड़े मामलों का जल्द निस्तारण हो सकेगा।
जगदलपुर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में इस कोर्ट के लिए तमाम प्रशासनिक और बुनियादी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह अदालत पूरी तरह कार्य करने के लिए तैयार है।
17. सड़क पर नारी शक्ति: "मोटो क्वींस एडवेंचर" के सफर ने रचा इतिहास, रायपुर से बारनवापारा तक बाइकर्स का दम
छत्तीसगढ़ में महिलाओं के साहस और आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिखी गई है। महिलाओं का एक संगठित ग्रुप "मोटो क्वींस एडवेंचर" ने रविवार को रायपुर से बारनवापारा अभ्यारण्य तक की रोमांचक यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की। इस सफर में 18 महिला बाइकर्स शामिल थीं, जिन्होंने सैकड़ों किलोमीटर का रास्ता तय कर समाज को एक मजबूत संदेश दिया है।
अभियान की प्रमुख विशेषताएं:
- सशक्त संदेश: इस यात्रा का उद्देश्य यह साबित करना था कि महिलाएं अब केवल घर और दफ्तर की सीमाओं में नहीं, बल्कि एडवेंचर, पर्यटन और नेतृत्व जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रही हैं।
- प्रेरणा का स्रोत: ETV Bharat की टीम ने बारनवापारा में इस दल को कवर किया, जहाँ महिलाओं ने अपने सपनों और इस अनूठी पहल के प्रति अपने जुनून को साझा किया।
- नेपाल सोलो राइड: इस ग्रुप की नींव रखने वाली कांकेर निवासी वनिका (वानी) पिल्लई की कहानी प्रेरणादायक है। उन्होंने नवंबर-दिसंबर 2025 में अकेले कांकेर से नेपाल तक की यात्रा पूरी की थी, जो उनके अटूट साहस की मिसाल है।
वानी पिल्लई का संकल्प: संस्थापक वानी पिल्लई का मानना है कि उनकी यह सोलो नेपाल यात्रा सिर्फ एक एडवेंचर नहीं थी, बल्कि खुद की क्षमताओं को पहचानने और साहस को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक जरिया थी। इसी भावना के साथ आज वे अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं।
यह अभियान न केवल छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की खूबसूरती को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सही दिशा में मिला प्रोत्साहन महिलाओं को कितना आत्मनिर्भर बना सकता है।
18. महासमुंद गबन मामला: 4.5 करोड़ के धान घोटाले में पुलिस को मिली बड़ी सफलता, फरार चल रहे दो आरोपी गिरफ्तार
महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र में हुए एक बड़े वित्तीय घोटाले में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। वर्ष 2020-21 के दौरान पिरदा धान उपार्जन केंद्र में हुए साढ़े चार करोड़ रुपये के गबन मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा है।
घोटाले और कार्रवाई की मुख्य बातें:
- घोटाले का स्वरूप: प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति पिरदा में 17,210.72 क्विंटल धान की हेराफेरी की गई थी, जिसकी कुल कीमत लगभग 4.5 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
- लगातार कार्रवाई: पुलिस ने इससे पहले भी दो आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया था, लेकिन ये दो मुख्य आरोपी लगातार फरार चल रहे थे।
- तकनीकी साक्ष्य का सहारा: पुलिस ने गहन जांच और तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) के आधार पर जाल बिछाया और सोमवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
न्यायिक कार्रवाई: गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को पुलिस ने तुरंत न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
इस गिरफ्तारी के बाद मामले की परतें और खुलने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर सहकारिता विभाग और पुलिस की यह संयुक्त कार्रवाई सरकारी धन के दुरुपयोग के खिलाफ एक कड़ा संदेश है।
19. रायपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अवैध डीजल-पेट्रोल के काले कारोबार का भंडाफोड़, 14,100 लीटर ईंधन जब्त
राजधानी रायपुर में पुलिस ने अवैध ईंधन तस्करी और रीसेलिंग के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। कबीर नगर थाना क्षेत्र में चल रहे इस अवैध कारोबार के खिलाफ दबिश देते हुए पुलिस ने 14,100 लीटर से अधिक अवैध ईंधन बरामद किया है।
पुलिस कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- आरोपियों की गिरफ्तारी: पुलिस ने मौके से ओमप्रकाश साव (उर्फ कालिया), उमेश साव, रामजी यादव और धर्मेंद्र साव को गिरफ्तार किया है।
- अवैध ठिकाना: आरोपी कान्हा ढाबा के पीछे, ईपी रोलिंग मिल के पास एक गुप्त स्थान पर भारी मात्रा में पेट्रोल-डीजल जमा कर उसकी **'कटिंग' और 'रीसेलिंग'** कर रहे थे।
- जब्त सामग्री: कार्रवाई में 14,100 लीटर ईंधन के साथ एक टैंकर, भारी मात्रा में नकदी और ईंधन निकालने/भरने के उपकरण जब्त किए गए हैं।
आर्थिक प्रभाव: जब्त की गई कुल सामग्री और उपकरणों की बाजार कीमत लगभग 35 लाख 45 हजार 770 रुपये आंकी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह अवैध ईंधन कहाँ से लाया जा रहा था और इसकी आपूर्ति किन पेट्रोल पंपों या ट्रांसपोर्टर्स को की जा रही थी।
यह कार्रवाई शहर में चल रहे ईंधन माफियाओं पर एक बड़ा प्रहार है। पुलिस का कहना है कि अवैध रूप से ईंधन का भंडारण न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि यह एक बड़ा सुरक्षा जोखिम भी है, जिससे भीषण आग लगने का खतरा बना रहता है।
20. आईटीआई अपग्रेडेशन की 'पीएम सेतु योजना': आधुनिक युग में भी 'जंग लगी मशीनों' का बोझ, 203 संस्थानों को अब भी गोद लेने वाले का इंतजार
राज्य गठन के 25 साल बीत जाने के बाद भी छत्तीसगढ़ के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं। आज के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीकी दौर में भी यहाँ के छात्र जंग लगी पुरानी मशीनों और जर्जर भवनों में प्रशिक्षण लेने को मजबूर हैं। राज्य के करीब 90 फीसदी आईटीआई की स्थिति अत्यंत दयनीय है।
'पीएम सेतु योजना' का विजन:
- उद्देश्य: आईटीआई को कॉरपोरेट स्टाइल में अपग्रेड करना और उद्योगों को पीपीपी (PPP) मोड पर संस्थान गोद लेने के लिए प्रोत्साहित करना।
- आधुनिक लैब: इस योजना के तहत संस्थानों में एआई (AI), ड्रोन तकनीक, और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) जैसी आधुनिक लैब विकसित की जानी हैं।
- वित्तीय मॉडल: सरकार कुल खर्च का 83% फंड देगी (50% केंद्र + 33% राज्य), जबकि गोद लेने वाली संस्था को केवल 17% खर्च वहन करना होगा।
योजना की जमीनी हकीकत: हालांकि राज्य के 203 आईटीआई इस योजना के दायरे में आते हैं, लेकिन यह विडंबना ही है कि बीते 9 महीनों में एक भी उद्योग इन्हें गोद लेने के लिए आगे नहीं आया है। सरकारी प्रयासों के बावजूद निजी क्षेत्र की अरुचि इस महत्वपूर्ण योजना के कार्यान्वयन में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।
अगर समय रहते उद्योगों ने इसमें भागीदारी नहीं दिखाई, तो राज्य के हजारों युवाओं का भविष्य आधुनिक तकनीकी शिक्षा से वंचित रह जाएगा। जरूरत है कि प्रशासन और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि इन संस्थानों को नई ऊंचाइयां मिल सकें।
📢 NK संगवारी जनता के गोठ – एक्सक्लूसिव राष्ट्रीय महा-बुलेटिन
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