छत्तीसगढ़: बिजली विभाग के 12 संगठनों ने मिलाया हाथ, पुरानी पेंशन (OPS) के लिए आर-पार की जंग का ऐलान
छत्तीसगढ़: बिजली विभाग के 12 संगठनों ने मिलाया हाथ, पुरानी पेंशन (OPS) के लिए आर-पार की जंग का ऐलान
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी में वर्ष 2004 के बाद सेवा में आए अधिकारी-कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का अधिकार दिलाने के लिए एक बड़ा संयुक्त मोर्चा तैयार हो गया है। राजधानी रायपुर के सिमरन होटल में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में कंपनी के विभिन्न कर्मचारी और अधिकारी संगठनों ने एकजुटता दिखाते हुए ऐतिहासिक फैसला लिया। इस बैठक में सर्वसम्मति से "विद्युत अधिकारी-कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली अधिकार मंच" के गठन की घोषणा की गई। कार्यक्रम में शामिल सभी 12 संगठनों ने एक सुर में कहा कि जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती, तब तक उनका यह संयुक्त संघर्ष जारी रहेगा।
- बैठक के दौरान आंदोलन को दिशा देने और आगामी रणनीति तैयार करने के लिए एक विशेष संचालन समिति के गठन का निर्णय लिया गया है।
- इस समिति में सभी 12 संगठनों से 2-2 प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।
- समिति में यह अनिवार्य शर्त रखी गई है कि प्रत्येक संगठन से आने वाले दो प्रतिनिधियों में से एक NPS (न्यू पेंशन स्कीम) धारक कर्मचारी होना चाहिए।
- इस समिति की अगली बैठक आगामी सप्ताह में होगी, जिसमें आंदोलन की पूरी रूपरेखा और तारीखों का निर्धारण किया जाएगा।
बैठक में यह भी याद दिलाया गया कि 6 अक्टूबर 2023 को मुख्यमंत्री द्वारा विद्युत कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने पर सैद्धांतिक सहमति दी गई थी। मंच ने तय किया है कि इस सहमति को अमलीजामा पहनाने और कंपनी प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करवाने के लिए मुख्यमंत्री के नाम एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके साथ ही, प्रांतीय और क्षेत्रीय स्तर पर जनजागरण अभियान चलाकर कर्मचारियों को इस आंदोलन से जोड़ा जाएगा।
- इस महत्वपूर्ण और निर्णायक बैठक का सफल संचालन शब्बीर मेमन द्वारा किया गया।
- बैठक में अलग-अलग एसोसिएशनों के कुल 72 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
- अभियंता संघ: मनोज वर्मा एवं प्रतीक शुक्ला
- पत्रोपाधी संघ: श्रीकांत बड़गैया
- फेडरेशन-01: आर.सी. चेट्टी एवं सुरेंद्र शुक्ला
- जनता यूनियन: अनिल द्विवेदी एवं अजय बाबर
- बिजली कर्मचारी महासंघ: संजय तिवारी एवं नवरतन बरेठ
- विद्युत कर्मचारी संघ (इंटक-56): एन.पी. मिश्रा एवं राम इकबाल
- आरक्षित वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ: आर.एल. ध्रुव एवं हर्षवर्धन पाटले
- तकनीकी कर्मचारी एकता यूनियन: जितेंद्र मालाकार एवं श्रीकांत सिंह ठाकुर
- तकनीकी कर्मचारी संघ: जीतराम खूंटे एवं नरेश भास्कर
- डॉक्टर्स एसोसिएशन: डॉ. निलेश सिंह
- कर्मचारी ऑफिसर्स एसोसिएशन: गोपाल गोहिल
- कार्यालयीन कर्मचारी संघ (बस्तर): धर्मेंद्र देवांगन एवं योगेंद्र कश्यप
🔥 बड़ी एकजुटता: आर-पार की लड़ाई का ऐलान
बैठक के अंत में सभी संगठनों के प्रतिनिधियों ने यह भरोसा जताया कि अधिकारियों और कर्मचारियों की यह अभूतपूर्व एकता पुरानी पेंशन बहाली के इस बड़े आंदोलन को अंतिम और सफल मुकाम तक पहुंचाएगी। 2004 के बाद भर्ती हुए हजारों विद्युत कर्मियों की नजर अब इस संयुक्त मंच की अगली रणनीति पर टिकी है।

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