छत्तीसगढ़ आज की बड़ी खबरें 12 जून की खबर पुरे विस्तार से जाने प्रदेश भर की प्रमुख खबर पढ़े बस एक क्लिक
CG टॉप 20 बड़ी खबरें: 12 जून 2026 का पूरा अपडेट
1. रायपुर: राज्य का पहला सरकारी 'महतारी सदन' और महिला योग केंद्र
पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रायपुरा के विप्र नगर में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 'महतारी सदन' का लोकार्पण 14 जून 2026 को किया जाएगा।
- लागत: इस भवन का निर्माण लगभग ₹80 लाख की लागत से किया गया है।
- उद्देश्य: यह केंद्र विशेष रूप से महिलाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को समर्पित है।
- महिला योग सेंटर: यह राज्य का पहला सरकारी योग केंद्र होगा, जहाँ महिलाएं योग का अभ्यास कर सकेंगी।
- महिला जुंबा सेंटर: फिटनेस के प्रति जागरूक महिलाओं के लिए आधुनिक जुंबा सेंटर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
- बहुउद्देशीय उपयोग: यह स्थान न केवल फिटनेस के लिए है, बल्कि इसे महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास और सामुदायिक गतिविधियों के लिए भी तैयार किया गया है।
महत्व: यह केंद्र स्थानीय महिलाओं को घर के करीब एक सुरक्षित और उच्च-स्तरीय फिटनेस वातावरण प्रदान करेगा।
2. क्रिकेट: राजनांदगांव की बेटी महक का टीम इंडिया U-19 में चयन
उनका चयन श्रीलंका के खिलाफ होने वाली आगामी टी-20 सीरीज के लिए भारतीय अंडर-19 (U-19) महिला क्रिकेट टीम में हुआ है।
- चयन का आधार: महक ने पिछले कुछ समय से घरेलू क्रिकेट और विभिन्न आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं में निरंतर शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी गेंदबाजी और बल्लेबाजी (ऑलराउंडर प्रदर्शन) ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया।
- महत्व: छत्तीसगढ़ जैसे छोटे राज्य से निकलकर भारतीय टीम (U-19) तक पहुंचना महक के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह चयन राजनांदगांव और पूरे छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ियों, विशेषकर लड़कियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा का स्रोत बना है।
- आगामी सीरीज: श्रीलंका के खिलाफ होने वाली इस टी-20 सीरीज में महक से भारतीय टीम के लिए प्रभावी योगदान देने की उम्मीद है।
3. रतनपुर: नशीले टैबलेट के साथ व्यापारी गिरफ्तार
आरोपी रतनपुर क्षेत्र में घूम-घूमकर संभावित ग्राहकों की तलाश कर रहा था। इस दौरान वह स्थानीय लोगों के साथ बेवजह झगड़ा और विवाद भी कर रहा था।
- पुलिस कार्रवाई: सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पूछताछ और तलाशी के दौरान आरोपी के पास से भारी मात्रा में नशीली टैबलेट बरामद की गईं।
- जब्ती: पुलिस ने आरोपी के पास से 13 स्ट्रिप (कुल 130 नग) नाइट्रोजेपम (Nitrazepam) टैबलेट जब्त की है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग ₹57,000 बताई जा रही है।
- स्थिति: आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि वह ये नशीली दवाएं कहां से लाता था और इन्हें किन-किन क्षेत्रों में सप्लाई करता था।
4. एमसीबी (MCB) जिला: शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
- पद से हटाए गए: जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) आर.पी. मिरे को उनके पद से हटा दिया गया है।
- नयी नियुक्ति: उनकी जगह पर रविकांत यादव को जिले का नया प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) नियुक्त किया गया है।
- सरकार का उद्देश्य: राज्य सरकार ने इस बदलाव के पीछे 'सुशासन' को मुख्य आधार बताया है। शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने, लंबित कार्यों का समय पर निपटारा करने और शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए इस फेरबदल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
- अपेक्षाएं: उम्मीद है कि नए प्रभारी DEO के आने से जिले में स्कूलों के निरीक्षण, शिक्षकों की उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
5. केशकाल घाट बायपास: 308 करोड़ की परियोजना के लिए वर्क ऑर्डर जारी
उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने हाल ही में बस्तर दौरे के दौरान निर्माणाधीन केशकाल घाट बायपास परियोजना की समीक्षा की और निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
- परियोजना की लागत: इस फोरलेन बायपास का निर्माण ₹308 करोड़ की लागत से किया जा रहा है।
- उद्देश्य: वर्तमान में केशकाल घाटी के घुमावदार रास्तों पर अक्सर जाम की स्थिति बनती है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। यह बायपास कोंडागांव और कांकेर के बीच यात्रा के समय को काफी कम कर देगा।
- वर्तमान स्थिति: उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर निर्माण एजेंसी को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने को कहा गया है। बायपास के दोनों छोरों पर काम चल रहा है और निर्माण कार्य को गति देने के लिए आधिकारिक तौर पर वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है।
- महत्व: यह सड़क बस्तर अंचल के लिए लाइफलाइन साबित होगी, जिससे न केवल पर्यटन बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी नया आयाम मिलेगा।
6. 'जहरीला तेल' का अवैध कारोबार: ₹40 में खरीदकर ₹100 में बिक्री
इस तेल को बायोडीजल बनाने के नाम पर इकट्ठा किया जाता है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा अनधिकृत तरीके से फिर से खाद्य श्रृंखला में खपाया जा रहा है।
- कैसे काम करता है रैकेट: होटल और रेस्टोरेंट से इस्तेमाल हो चुके तेल को करीब ₹40 प्रति लीटर की दर से खरीदा जाता है। नियमानुसार, इसे RUCO (Repurpose Used Cooking Oil) पहल के तहत बायोडीजल उत्पादन इकाइयों को दिया जाना चाहिए।
- मिलावट का खेल: बायोडीजल प्लांट को भेजने के बजाय, इस काले बाजार में सक्रिय लोग इसे साफ करके या इसमें रसायनों का उपयोग कर इसे दोबारा खाद्य तेल के रूप में ₹100 प्रति लीटर या उससे अधिक में बेच देते हैं। यह तेल स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक होता है और कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है।
- क्षमता बनाम उत्पादन: देश में हर साल करोड़ों लीटर जले हुए तेल से बायोडीजल बनाने की क्षमता है, लेकिन एक बड़ी मात्रा अभी भी अवैध बाजार की भेंट चढ़ रही है।
- प्रशासनिक चिंता: एफएसएसएआई (FSSAI) के कड़े निर्देशों के बावजूद, इसकी मॉनिटरिंग में कमी के कारण यह जहरीला तेल फिर से बाजार में पहुँच जाता है। सरकार अब इस पर सख्ती बरतने और जले हुए तेल के कलेक्शन नेटवर्क को पारदर्शी बनाने की तैयारी कर रही है।
7. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: किसानों के लिए सुरक्षा कवच
ऐसी अनिश्चित स्थितियों में किसानों को आर्थिक संकट से बचाने के लिए 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' (PMFBY) एक प्रमुख आधार है।
- निवेश नहीं, सुरक्षा: अधिकांश किसान फसल बीमा प्रीमियम को एक फालतू का 'खर्च' समझते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसे अपनी मेहनत और निवेश की गई पूंजी के 'सुरक्षा कवच' के रूप में देखना चाहिए।
- योजना का लाभ: यह योजना प्रतिकूल मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल बर्बाद होने की स्थिति में किसानों को सीधे आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
- जोखिम प्रबंधन: बीमा होने से किसान कर्ज के दुष्चक्र में फंसने से बचते हैं। यदि मानसून के दौरान फसल को नुकसान होता है, तो बीमा कंपनी द्वारा तय नियमों के अनुसार किसानों को मुआवजा दिया जाता है।
- पंजीकरण: किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने क्षेत्र के अनुसार अनिवार्य समय-सीमा के भीतर फसल का बीमा जरूर करवाएं ताकि भविष्य में होने वाले नुकसान से बचा जा सके।
8. कोरबा: पुलिस प्रताड़ना के विरोध में पानी की टंकी पर चढ़े युवक
थाना प्रभारी पर पिटाई का आरोप लगाते हुए दो युवकों ने विरोध का एक अनोखा और खतरनाक रास्ता चुना।
- विरोध का कारण: दो युवकों ने आरोप लगाया कि हरदीबाजार थाना प्रभारी ने उनके साथ मारपीट की है। इसी प्रताड़ना से दुखी होकर वे न्याय की मांग को लेकर क्षेत्र में स्थित एक ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गए।
- तनाव की स्थिति: जैसे ही युवकों के टंकी पर चढ़ने की खबर फैली, मौके पर बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई। प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
- मनाने का प्रयास: सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवकों से नीचे उतरने की अपील की और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
- समाधान: घंटों की मशक्कत और उच्च अधिकारियों द्वारा मामले की गंभीरता से जांच करने के भरोसे के बाद, लगभग चार घंटे के हाई-वोल्टेज ड्रामा के बाद वे युवक नीचे उतरे।
- वर्तमान स्थिति: युवकों के नीचे उतरने के बाद पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके चलते विभाग में भी हड़कंप की स्थिति है। तेज वर्षा के बीच भी युवक टंकी पर डटे रहे।
हरदीबाजार थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाया: ग्राम नेवसा निवासी रफीक मोहम्मद और दीपेश निर्मलकर ने हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना पर गंभीर आरोप लगाया है। दोनों युवकों का कहना है कि मंगलवार को पुलिस आई और ग्राम सिरली के पास से उन्हें पकड़कर थाने ले गई। वहां डंडा एवं बेल्ट से टीआई डनसेना ने जुआ खिलाने का आरोप लगाते बुरी तरह पीटा। बाद में उनसे जबरन बयान लिखाया गया। जिसमें मुलाहिजा के लिए दीपका अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में गिर जाने की बात दर्ज की।
9. छत्तीसगढ़ में बिजली बिल का 'स्मार्ट मीटर' झटका और शिकायतों का अंबार
स्मार्ट मीटर की स्थापना के बाद से बिजली बिलों में आई बेतहाशा वृद्धि ने आम नागरिकों की कमर तोड़ दी है।
- शिकायतों का आंकड़ा: रायपुर, भिलाई, बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर जैसे प्रमुख शहरों में बिजली बिलों में असामान्य वृद्धि की 50,000 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं।
- समाधान की स्थिति: चिंता की बात यह है कि इतनी बड़ी संख्या में आई शिकायतों में से 10 प्रतिशत का भी संतोषजनक समाधान नहीं हो पाया है। उपभोक्ता सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
- बिल में भारी उछाल: कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि उनका बिल जो पहले ₹500 तक आता था, वह अब बढ़कर ₹2,500 के पार पहुंच गया है।
- विभागीय तर्क: बिजली विभाग के अधिकारी इस वृद्धि के पीछे गर्मी के मौसम में बिजली की अधिक खपत और स्मार्ट मीटर की 'सटीक रीडिंग' का हवाला दे रहे हैं।
- जन आक्रोश: अधिकारी चाहे जो भी तर्क दें, आम जनता इसे मीटर की खराबी या विभाग की मनमानी मान रही है। इस बढ़ते असंतोष के चलते उपभोक्ताओं में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली के प्रति गहरा अविश्वास पैदा हो गया है।
10. छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल: 28 अधिकारियों के तबादले
10 जून 2026 को जारी आदेश के तहत राज्य भर के 28 वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदल दिए गए हैं।
- व्यापक फेरबदल: इस सूची में 28 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं, जिनमें जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO), सहायक संचालक और प्राचार्य स्तर के अधिकारी शामिल हैं।
- प्रमुख जिले प्रभावित: प्रशासनिक फेरबदल के तहत रायपुर, बिलासपुर और महासमुंद समेत कई महत्वपूर्ण जिलों में नए जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) की तैनाती की गई है।
- उद्देश्य: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस निर्णय को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह बदलाव केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि विभाग के कार्यों में गति लाने, जवाबदेही तय करने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए किया गया है।
- तत्काल प्रभाव: यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। संबंधित अधिकारियों को अपने नए पदस्थापना स्थल पर शीघ्र कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
11. रायगढ़: केलो परियोजना नहर निर्माण का विरोध, किसान ने खाया जहर
अपनी उपजाऊ भूमि बचाने की जद्दोजहद में एक किसान ने आत्मघाती कदम उठा लिया।
- पीड़ित: ग्राम लिंजीर के 55 वर्षीय किसान रविशंकर गुप्ता।
- विवाद की जड़: केलो परियोजना के तहत प्रस्तावित नहर का अलाइनमेंट (नक्शा) रविशंकर गुप्ता की निजी कृषि भूमि से होकर गुजर रहा है। किसान का तर्क है कि इससे उनकी आजीविका पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
- परिजनों की मांग: पीड़ित परिवार और ग्रामीणों का लंबे समय से प्रस्ताव था कि नहर को उनकी निजी जमीन के बजाय पास में स्थित सरकारी जमीन से निकाला जाए, जिससे किसी की आजीविका प्रभावित न हो।
- घटनाक्रम: बुधवार को जब प्रशासन, राजस्व विभाग और भारी पुलिस बल के साथ जेसीबी लेकर निर्माण कार्य शुरू कराने पहुंचे, तो विरोध के दौरान तनाव बढ़ गया। इसी बीच, किसान रविशंकर गुप्ता ने कीटनाशक का सेवन कर लिया।
- वर्तमान स्थिति: किसान को तत्काल प्रभाव से नजदीकी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं कि बिना उचित वार्ता के बलपूर्वक निर्माण कार्य क्यों शुरू किया गया।
12. छत्तीसगढ़: शिक्षकों की पेंशन गणना का विवाद, मामला पहुंचा अदालत की दहलीज पर
विभाग द्वारा शिक्षकों के आवेदनों को खारिज करने के बाद राज्य के शिक्षक संगठनों ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
- प्रभावित शिक्षक: प्रदेश के 1 लाख से अधिक शिक्षक, जिनकी नियुक्ति वर्ष 1998 से 2018 के बीच हुई थी।
- मुख्य समस्या: इन शिक्षकों का कहना है कि संविलियन के बाद से ही उनकी पूर्व की सेवा को पेंशन निर्धारण (रिटायरमेंट बेनिफिट्स) में शामिल नहीं किया जा रहा है। इसका सीधा असर उनकी भविष्य की वित्तीय सुरक्षा पर पड़ रहा है।
- शिक्षक संगठनों का पक्ष: छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने स्पष्ट कहा है कि यह निर्णय न केवल शिक्षकों के साथ अन्याय है, बल्कि उच्च न्यायालय के पूर्व आदेशों की मूल भावना के विरुद्ध भी है।
- सरकार बनाम शिक्षक: शिक्षा विभाग का आवेदन खारिज करना शिक्षकों के लिए एक बड़ा झटका है, जिसके कारण कई अनुभवी शिक्षक बिना उचित पेंशन या वित्तीय सुरक्षा के सेवानिवृत्त होने को मजबूर हो रहे हैं।
- अगला कदम: शिक्षक संगठनों ने अब इस मामले को कानूनी रूप से लड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने सरकार के इस फैसले को अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर ली है, जिससे राज्य सरकार के लिए एक नई कानूनी परेशानी खड़ी हो गई है।
13. खराब मौसम का कहर: रायपुर आने वाली फ्लाइट नागपुर डायवर्ट
रायपुर आने वाले कई प्रमुख नेता और यात्री बीच रास्ते में ही फंस गए।
- फ्लाइट का विवरण: दिल्ली से रायपुर आ रही इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6E-5138 अपनी निर्धारित उड़ान पर थी।
- कारण: रायपुर में मौसम बेहद खराब होने और दृश्यता (Visibility) कम होने के कारण पायलट को विमान को लैंड कराने में कठिनाई हुई। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए विमान को रायपुर एयरपोर्ट पर लैंड न कराकर नागपुर एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट कर दिया गया।
- यात्रियों में शामिल प्रमुख हस्तियाँ: इस विमान में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कई अन्य बड़े नेता और गणमान्य नागरिक सवार थे।
- परिणाम: नागपुर में विमान की सुरक्षित लैंडिंग करवाई गई। मौसम में सुधार होने के बाद विमान को पुनः रायपुर के लिए रवाना किया गया, जिससे यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा और उनका सफर लंबा हो गया।
14. रायपुर: एमजी रोड स्थित 'जया ऑटोमोबाइल' में भीषण आग, 11 घंटे बाद काबू
- स्थान: यह घटना रायपुर के मौदहापारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एमजी रोड स्थित जया ऑटोमोबाइल की बिल्डिंग में हुई।
- आग का विकराल रूप: दुकान में बड़ी मात्रा में टायर, ट्यूब और प्लास्टिक के पार्ट्स मौजूद थे, जिनके कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें इमारत की दूसरी और तीसरी मंजिल तक जा पहुंचीं।
- रेस्क्यू ऑपरेशन: आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग को भारी मशक्कत करनी पड़ी। कुल 15 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को सेवा में लगाया गया।
- चुनौतियां: आग इतनी भीषण थी कि फायर कर्मियों के लिए सीधे अंदर घुसना कठिन हो रहा था। अंततः जेसीबी की मदद से शोरूम के सामने के हिस्से को तोड़ा गया, जिसके बाद दमकल कर्मी अंदर प्रवेश कर पाए और आग बुझाने में सफल हुए।
- निष्कर्ष: लगातार 11 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूर्णतः काबू पाया जा सका। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि ऑटोमोबाइल के सामानों और बिल्डिंग को भारी नुकसान पहुंचा है। पुलिस अब आग लगने के वास्तविक कारणों (शॉर्ट सर्किट या अन्य) की जांच कर रही है।
15. कोरबा: चरित्र संदेह में पत्नी की निर्मम हत्या, आरोपी पति गिरफ्तार
जहाँ घरेलू विवाद ने एक महिला की जान ले ली।
- आरोप: पति को अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह था, जिसे लेकर अक्सर उनके बीच विवाद होता रहता था।
- क्रूरता की हद: विवाद के दौरान पति ने हैवानियत दिखाते हुए अपनी पत्नी की डंडों से बेरहमी से पिटाई की। चोटों के कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
- घटना के बाद का कृत्य: हत्या करने के बाद आरोपी ने बड़ी चालाकी से महिला के शव को खाट पर लिटा दिया और ऊपर से चादर ओढ़ा दी, ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया।
- खुलासा: अगले दिन सुबह जब परिजनों ने महिला को मृत अवस्था में पाया, तो पुलिस को सूचना दी गई।
- पुलिस कार्रवाई: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है। वर्तमान में पुलिस इस मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है और हत्या के विस्तृत कारणों की गहन जांच की जा रही है।
16. छत्तीसगढ़: शराब की 'ओवररेटिंग' पर विभाग सख्त, 4 एसआई सस्पेंड
- शिकायत का आधार: राज्य के कई हिस्सों से खबरें आ रही थीं कि शराब की दुकानों पर ग्राहकों से प्रति बोतल ₹60 तक अधिक वसूले जा रहे हैं। इसे देखते हुए आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
- औचक निरीक्षण: राज्य स्तरीय उड़नदस्ते ने विभिन्न शराब दुकानों का औचक निरीक्षण किया, जिसमें ओवररेटिंग की पुष्टि हुई।
- हुई कार्रवाई:
- निलंबन: लापरवाही बरतने और अपने क्षेत्र में ओवररेटिंग रोकने में नाकाम रहने के आरोप में 4 सब-इंस्पेक्टरों (SI) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
- नोटिस: इसके अलावा, जिम्मेदारी में कोताही बरतने के लिए 8 अन्य अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
- उद्देश्य: इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शराब प्रेमियों की जेब पर डाका डालने वाले इस 'ओवररेटिंग सिंडिकेट' को तोड़ना और सरकारी दुकानों पर पारदर्शिता लाना है। आबकारी विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी शिकायतें मिलने पर और भी सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
17. जांजगीर-चांपा: चंगाई सभा में विवादित टिप्पणी, पास्टर और मकान मालिक गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने पास्टर और मकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
- सभा का आयोजन: जिले के एक निजी घर में 'चंगाई सभा' (प्रार्थना सभा) का आयोजन किया गया था। आयोजकों का दावा था कि वे विशेष प्रार्थना और 'चमत्कारी पानी' पिलाकर लोगों की गंभीर बीमारियों को ठीक कर सकते हैं।
- आरोप: इस सभा की सूचना मिलने पर स्थानीय हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। संगठन का आरोप है कि इस कार्यक्रम की आड़ में भोले-भाले ग्रामीणों को बरगलाया जा रहा था। साथ ही, आरोप है कि सभा के दौरान हिंदू देवी-देवताओं पर बेहद आपत्तिजनक और विवादित टिप्पणियां की गईं, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
- विरोध और हंगामा: हिंदू संगठनों ने मौके पर पहुंचकर सभा का कड़ा विरोध किया और नारेबाजी की। स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया।
- पुलिस का हस्तक्षेप: सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई शुरू की।
- गिरफ्तारी: पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और विवादित टिप्पणी करने के आरोप में आयोजन से जुड़े पास्टर और मकान मालिक को गिरफ्तार कर लिया है।
- कानूनी पहलू: दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस तरह की सभाएं पहले भी वहां आयोजित की जा रही थीं।
इस घटना के बाद क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अंधविश्वास या किसी भी प्रकार के 'चमत्कारी दावों' के झांसे में न आएं और कानून-व्यवस्था बनाए रखें। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी गतिविधियों से समाज में वैमनस्य न फैले।
19. वर्षा का पूर्वानुमान (12 जून और आगे के लिए):
बस्तर संभाग के जिलों (बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर) और दक्षिण छत्तीसगढ़ में अच्छी बारिश के आसार हैं।
रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, सरगुजा और जशपुर जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। कुछ स्थानों पर छींटे पड़ने की भी उम्मीद है।
बारिश के कारण तापमान में 2°C से 4°C तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
- मौसम विभाग के अनुसार, अभी तक किसी निश्चित मिलीमीटर (mm) का सटीक आंकड़ा जारी नहीं हुआ है, लेकिन पूर्वानुमान इस प्रकार है:
- हल्की बारिश: जिन क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे, वहां 5 mm से 15 mm तक बारिश हो सकती है।
- मध्यम से भारी बारिश: बस्तर और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं 30 mm से 60 mm तक बारिश दर्ज की जा सकती है।
- चेतावनी: गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं तेज हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटा) चलने की भी चेतावनी दी गई है।
- चूंकि मानसून अभी राज्य में प्रवेश कर चुका है, इसलिए मौसम की स्थिति बहुत तेजी से बदलती है। किसी भी क्षेत्र में 'कितनी बारिश' होगी, यह स्थानीय हवा के दबाव पर निर्भर करता है।
- किसान भाइयों के लिए सलाह: मानसून की शुरुआत को देखते हुए, कृषि कार्य के लिए अपने नजदीकी कृषि केंद्र या जिला प्रशासन द्वारा दी जाने वाली साप्ताहिक मौसम बुलेटिन पर नजर रखें।
- सुरक्षा: तेज बारिश के दौरान खुले स्थानों, जर्जर भवनों और जलभराव वाले क्षेत्रों से सावधान रहें।
20. 11वीं नीति आयोग बैठक: 'बस्तर' का नया विजन
- बदली हुई तस्वीर: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दशकों तक हिंसा, डर और नक्सलवाद की चपेट में रहने वाला बस्तर अब विकास की मुख्यधारा में तेजी से जुड़ रहा है।
- शांति की स्थापना: बस्तर में शांति व्यवस्था और सुरक्षा के साथ-साथ अब आम नागरिकों का शासन के प्रति भरोसा बढ़ा है। यह सुरक्षा ही विकास की पहली शर्त है जिसे छत्तीसगढ़ सरकार ने प्राथमिकता दी है।
मुख्यमंत्री ने बस्तर को एक 'विकास मॉडल' के रूप में पेश करते हुए पांच मुख्य स्तंभों पर बल दिया:
- आर्थिक पुनरुत्थान: स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग कर बस्तर के लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना। इसमें लघु वनोपज का प्रसंस्करण (Processing) एक प्रमुख भूमिका निभा रहा है।
- रोजगार के अवसर: स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास (Skill Development) कार्यक्रमों को बढ़ावा देना ताकि वे अपनी ही जमीन पर रोजगार पा सकें।
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: बस्तर के दूरस्थ इलाकों में शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना, ताकि वहां का युवा आने वाले समय में देश के विकास में योगदान दे सके।
- पर्यटन विकास: बस्तर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है। इसे विश्व स्तर के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
- कृषि आधारित विकास: कृषि क्षेत्र में आधुनिकीकरण और सिंचाई की सुविधाओं का विस्तार करना, ताकि बस्तर के किसान न केवल आत्मनिर्भर बनें बल्कि निर्यात करने की क्षमता भी हासिल करें।
- पारदर्शिता और जवाबदेही: बैठक में मुख्यमंत्री ने 'सुशासन' (Good Governance) को अपना मुख्य मंत्र बताया। राज्य सरकार का जोर सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर है, जिसमें तकनीक और डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है।
- केंद्र-राज्य सहयोग: नीति आयोग के मंच का उपयोग करते हुए राज्य ने केंद्र के साथ बेहतर समन्वय की बात की, ताकि केंद्रीय योजनाओं को प्रदेश की भौगोलिक चुनौतियों के अनुसार लागू किया जा सके।
यह संदेश केवल एक रिपोर्ट नहीं है, बल्कि निवेशकों और पर्यटकों के लिए एक बड़ा संकेत है। जब राज्य का नेतृत्व स्वयं बस्तर को हिंसा से मुक्त और विकासोन्मुख बताता है, तो वहां व्यापारिक और पर्यटन गतिविधियां बढ़ने की संभावना प्रबल हो जाती है। यह बस्तर के निवासियों के लिए एक 'नई सुबह' के समान है, जहाँ अब बंदूक की गूंज के स्थान पर विकास की चर्चा हो रही है।

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